
नव विवाहिता के साथ सामूहिक दुराचार
छिंदवाड़ा/नागपुर. २१वीं सदी के आधुनिक दौर में भी कई परिवार अंधविश्वास की चपेट में हैं। ऐसा ही एम मामला गड़चिरोली जिले के एटापल्ली टोला गांव में सामने आया है। दरअसल, एक आदिवासी महिला पीरियड्स को लेकर अजीब परंपरा की बली चढ़ गई।
गांव की रूढि़वादी परंपरा के चलते पीरियड्स के दौरान उसे अलग-थलग एक कमरे में रखा गया। जिसे कुरमा घर कहा जाता है, जबकि महिला हाईब्लड प्रेशर से पीडि़त थी, लिहाजा उसे हर रोज दवा खानी पड़ती थी। काफी दिनों से वो कुरमा घर में ही पड़ी थी। मंगलवार सुबह जब कुरमा घर में कोई हलचल दिखाई नहीं दी तो परिवार के सदस्यों ने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन जब घर में खेल रहे बच्चे उसके कमरे में गए, तो महिला जमीन पर पड़ी बेहोश दिखाई दी। जिसे देखकर बच्चों ने रोना शुरु कर दिया।
डॉक्टर ने कर दी पुष्टि
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जयंती गावले नामक 40 वर्षीय महिला को एटापल्ली के ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उस मृत घोषित कर दिया। जयंती की पहले ही मौत हो चुकी थी। आदिवासी समाज की मान्यताओं के मुताबिक यदि किसी युवती या महिला का मासिक धर्म चल रहा हो तो उसे एक अलग कमरे में रहना पड़ता है। जिसे कुरमा घर कहा जाता है। महिला को पीरियड्स के दौरान उसी कमरे में रहना होता है। जहां सारी जरूरत की चीजें उपलब्ध कराई जाती हैं। उसे केवल भोजन घर से बनाकर दिया जाता है। इसी बीच किसी पुरूष या युवक को कुरमा घर में जाने की इजाजत नहीं होती। परिजन ने घर के कुरमा घर में उसके रहने का प्रबंध किया था।
आराम की होती जरूरत
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉण् प्रांजलि आईंचवार का कहना है कि पीरियड्स के वक्त महिला को आराम की सख्त जरूरत होती है, लेकिन कुरमा घर में रहने के बावजूद भी महिला को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशानी का सामना करना पड़ता है, जो गलत है। जबकि वैद्यकीय अधिकारी डॉ. चंद्रसुरेश डोंगरवार के मुताबिक महिला को पीरियड्स के दौरान कुरमा घर में ही रखना चाहिए। आदिवासी समाज के लोग शराब का सेवन करते हैं। ऐसे में मासिक धर्म के दौरान महिला और उसके पति के बीच नजदीकियां बढऩे से संक्रमण की आशंका रहती है। हर महीने लड़कियों और महिलाओं में पीरियड्स का आना एक नेचुरल प्रोसेस है, लेकिन अगर इस दौरान सावधानियां न रखी जाएं तो उनकी हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है। पीरियड्स महिलाओं के लिए हर महीने की समस्या है। कुछ महिलाएं इन दिनों दर्द और ज्यादा बहाव के कारण काफी असहज महसूस करती हैं। उन्हें केयर की जरूरत होती है।
Published on:
16 Nov 2017 11:31 am
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