ग्राम पंचायत लेंदागोदी में जेसीबी से सड़क और नाली निर्माण के लिए खुदाई करने का मामला सामने आया है।
श्रमिक ने लगाया आरोप...
मजदूरों की जगह जेसीबी से कार्य
पांढुर्ना. ग्राम पंचायत लेंदागोदी में जेसीबी से सड़क और नाली निर्माण के लिए खुदाई करने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने ने सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायत कर मजदूरों के अधिकारों का हनन किए जाने का आरोप लगाया है। सीईओ ने इस पूरे मामले को संज्ञान में लेने के बाद नोटिस जारी करने की बात कही है।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत लेंदागोंदी ने मोरगोंदी गांव में पंच परमेश्वर योजना से सड़क और नाली निर्माण का कार्य एक निजी एजेंसी को दी है। इस ठेकेदार ने मजदूर के बजाय जेसीबी से खुदाई कर निर्माण शुरू किया हैं। रविवार को ग्रामीणों ने इस बात का विरोध किया। बताया जा रहा है कि आदिवासी अंचल में मजदूरी नहीं मिलने से मजदूर पलायन कर रहे है। गांव के जागरूक लोगों ने मनरेगा के माध्यम से इन मजदूरों को उनके अधिकार के अनुरूप 100 दिनों की मजदूरी प्रदान करने की मांग की है। जनपद पंचायत की सीईओ विजयलक्ष्मी मरावी का कहना है कि इस बारे में जानकारी नहीं है अगर शिकायत सही पाई गई तो नोटिस जारी किया जाएगा।
श्मशाम से अतिक्रमण हटाने को लेकर चर्चा
परासिया. न्यूटन नगर में आदिवासी विकास परिषद ने बैठक आयोजित कर समाज के शमशान स्थल को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग की। पार्षद गुरुप्रसाद इरपाची ने बताया कि दशकों पूर्व से आदिवासियों के शमशान स्थल पर नगर के एक व्यक्ति अतिक्रमण किए जा रहा है जबकि यह भूमि शासकीय है।
इसकी शिकायत अनुविभागीय राजस्व अधिकारी, तहसीलदार सहित उच्च अधिकारियो से की गई लेकिन आश्वासन के बाद भी कोई ठोस कारवाई नहीं की गई। शमशान स्थल पर अतिक्रमण कर खुदाई कराए जाने से पूर्वजों के कंकाल बाहर निकल गए है जिसके कारण सामाजिक भावनाएं आहत हो रही है। इस विषय पर आंदोलन करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में आदिवासी विकास परिषद के संरक्षक नेपाल सिंग उइके, महेश सराठी, विजय सिंग कुसरे, ब्लाक अध्यक्ष सुखराम उइके, बीपी परते, गुरूप्रसाद इरपाची, राहुल सराठी, अनिल मरकाम, बंटी राज, पवन मरकाम, अश्वनी, कालीचरण इरपाची, संतराम मरकाम, राकेश बरबडे, सकरलाल युवनाती सहित सदस्य मौजूद रहे।