
चित्रकूट में 5 महीने तक स्कूल में 4 शिक्षकों ने दसवीं की छात्रा के साथ की दरिंदगी।
Chitrakoot news: चित्रकूट के मानिकपुर तहसील क्षेत्र में 10वीं की छात्रा के साथ 4 शिक्षकों ने 5 महीने तक दरिंदगी की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर 4 आरोपियों को जेल भेज दिया। इसमें दो आरोपी फर्जी बताए जा रहे हैं। फिलहाल इस हाईप्रोफाइल मामले की गूंज बड़े नेताओं और पुलिस अधिकारियों तक पहुंच गई है। छात्रा पिछले करीब 10 दिनों से स्कूल नहीं जा रही है। वह घर पर बैठकर सिर्फ रोती रहती है या फिर थाने के चक्कर काट रही है। आइए आपको बताते हैं छात्रा का दर्द और उसके साथ हुई दरिंदगी की दास्तां...
बात जुलाई 2022 से शुरू करते हैं, जब पीड़िता के माता-पिता ने उसका दाखिला मानिकपुर क्षेत्र स्थित एक इंटर कॉलेज में कराया। पीड़िता का एडमिशन 9वीं कक्षा में कराया गया। बातचीत में तेज तर्रार और पढ़ाई में अव्वल पीड़िता ने बताया कि दो महीने तक सबकुछ ठीक रहने के बाद विज्ञान के शिक्षक इरशाद उसके करीब आने लगे। विज्ञान के शिक्षक के प्रेम को देखकर पीड़िता उनके इरादे नहीं समझ सकी।
पीड़िता ने बताया कि स्कूल में छुट्टी होने के बाद एक्स्ट्रा क्लास के बहाने के इरशाद उसे रोक लेता। सब बच्चों के जाने के बाद इरशाद उसे स्कूल की ऊपरी मंजिल पर सबसे किनारे वाले कमरे में ले जाता। जहां उसके साथ वह रेप करता। वहां न तो CCTV कैमरा लगा था। न ही कोई चेकिंग के लिए आता था। वह उसे गलत तरीके से छूटा, पीड़िता इसका विरोध करती तो उसे अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जाता था।
पीड़िता बताती है "पहले इरशाद फिर दो महीने बाद स्कूल के प्रिंसिपल राकेश प्रताप सिंह समेत चार शिक्षक इस घिनौने काम में शामिल हो गए। यह सभी मिलकर उसके साथ रोज गैंगरेप करते थे। 4-5 महीने तक इरशाद और मोइन, आदित्य और प्रिंसिपल सर मेरे साथ गलत काम करते रहे। बाद में उसे स्कूल के पीछे के रास्ते से घर भेज दिया जाता। विरोध करने पर स्कूल से नाम काट देने की धमकी देते। इसी के डर से मैंने अपने घरवालों को इस बारे में पहले कुछ नहीं बताया। इतना ही नहीं प्रिंसिपल राकेश प्रताप सिंह उसे मानिकपुर CHC ले जाकर गर्भ निरोधक गोलियां खिलाते थे।
ज्यादा गोलियां खाने से बिगड़ी पीड़िता की हालत
25 जुलाई 2023 शाम को छात्रा घर पर पढ़ रही थी। उसकी मां किचन में खाना बना रही थी। अचानक छात्रा के पेट में तेज दर्द शुरू हो गया। दर्द के मारे वह जोर से चिल्लाई। किचन से मां भागते हुए उसके पास पहुंची। छात्रा सिर्फ रोए जा रही थी। बार-बार पूछने पर छात्रा ने जब सच्चाई बताई तो मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। छात्रा ने कहा- स्कूल की छुट्टी के बाद इरशाद सर मुझे एक्सट्रा क्लास के बहाने रोक लेते थे। जब पूरी क्लास खाली रहती तब वह मेरे साथ गंदा काम करते थे।
पहले उन्होंने 2 महीने तक मेरे साथ गंदी हरकत की। फिर मोइन सर, आदित्य सर और प्रिंसिपल राकेश प्रताप सिंह सर ने भी बारी-बारी मेरा रेप किया। सच्चाई जानकर उसके मम्मी-पापा उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने चेकअप किया। कई जांचें हुईं। मेडिकल रिपोर्ट में पता चला कि छात्रा के पेट और यूट्रेस में सूजन है। अधिक मात्रा में गर्भनिरोधक गोलियां खाने से उसकी बच्चेदानी में सूजन आ गई थी। दवाओं के साइड इफेक्ट से उसे तकलीफ हो रही थी। इसके बाद पीड़िता को लेकर परिजन मानिकपुर थाने पहुंचे।
एक्शन में आई पुलिस, लेकिन दो आरोपियों पर दिखाई मेहरबानी
10वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा ने बेखौफ होकर पुलिस को हर एक जानकारी दी। उसके बयानों के आधार पर चित्रकूट SP वृंदा शुक्ला ने इस मामले की जांच में SIT का गठन कर दिया। स्पेशल टीम ने पीड़ित परिवार के आरोपों के आधार पर जांच-पड़ताल शुरू की। स्कूल के साथ-साथ मोहल्ले के CCTV फुटेज, मामले से जुड़े लोगों के मोबाइल कॉल डिटेल और आरोपियों से पूछताछ शुरू की गई। उसका मेडिकल टेस्ट हुआ। रिपोर्ट में गैंगरेप की पुष्टि भी हुई।
इसके बाद पुलिस 5वें दिन यानी 30 जुलाई को स्कूल के तीन शिक्षक और पीड़िता के बुआ के लड़के ओमप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया। SIT के मुताबिक, ओम प्रकाश के कॉल रिकॉर्ड से यह बात सामने आई है कि रेप पीड़िता के साथ हुई दरिंदगी में वह भी शामिल था। फिलहाल, इस मामले में इरशाद, मोइन, आदित्य और ओम प्रकाश को जेल भेज दिया गया है। SIT को प्रिंसिपल के खिलाफ सबूत नहीं मिले। इसलिए उसे अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है।
पिता बोले- न्यान नहीं मिलने पर परिवार समेत करेंगे आत्महत्या
छात्रा से गैंगरेप मामले में 4 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। लेकिन पीड़ित परिवार पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। पीड़िता के पिता कहते हैं, "पुलिस ने जिन 4 लोगों को गिरफ्तार किया उनमें से 2 लोगों को फर्जी तरीके से पकड़ा गया है। हमारे भांजे को भी पुलिस ने 29 जुलाई को उठा लिया। उसे इस केस में जबरन आरोपी बनाया गया है जबकि वह निर्दोष है। वहीं, जिस आदित्य को पकड़ा गया है, वह कोई दूसरा व्यक्ति है।
असली आरोपी आदित्य अभी भी फरार है। चित्रकूट पुलिस जानबूझकर प्रिंसिपल राकेश प्रताप को बचा रही है। क्योंकि उसे क्षेत्र के सांसद से लेकर बड़े भाजपा नेताओं का समर्थन मिला हुआ है। उन्हीं की सोर्स-सिफारिश पर पुलिस प्रिंसिपल को नहीं पकड़ रही है। अगर जल्द से जल्द सभी आरोपी नहीं पकड़े गए, तो वह पूरे परिवार के साथ आत्महत्या कर लेंगे।
एसपी बोलीं-पीड़िता के फुफेरे भाई ने भी किया रेप
इस मामले में SP वृंदा शुक्ला ने बताया "छात्रा के साथ हुए गैंगरेप की पुष्टि होने के बाद 4 लोगों को जेल भेजा गया है। इसमें एक पीड़िता की बुआ का बेटा (फुफेरा भाई) है। हम पीड़िता के रिश्तेदार का फोन रिकॉर्ड और CDR चेक करने के बाद इस नतीजे तक पहुंचे हैं कि उसने 100% नाबालिग लड़की के साथ रेप किया है। बाकी 3 आरोपियों की संलिप्तता की भी जांच हो रही है। अभी तक की विवेचना में प्रिसिंपल राकेश प्रताप के खिलाफ कोई ठोस एविडेंस नहीं मिले हैं।
पीड़िता का कहना है कि प्रिंसिपल ने उसे CHC ले जाकर गर्भनिरोधक गोलियां दीं। इसका भी कोई रिकॉर्ड हॉस्पिटल के पास नहीं है। न ही रजिस्टर में ऐसी कोई एंट्री है। इसलिए प्रिंसिपल की गिरफ्तारी नहीं हुई है।" वहीं स्कूल के प्रिंसिपल राकेश प्रताप सिंह कहते हैं कि स्कूल में 1000 के करीब लड़कियां है और 1200 लड़के पढ़ाई करते हैं। आज तक किसी को कोई परेशानी नहीं हुई। अगर पुलिस को लगता है कि हम गलत हैं तो हमारा नार्को टेस्ट करा ले।
Updated on:
03 Aug 2023 07:19 pm
Published on:
03 Aug 2023 03:53 pm
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