
सांसद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र, बुन्देलखण्ड में कृत्रिम बारिश कराने की मांग
चित्रकूट. बादलों की बेरुखी ने एक बार फिर बुन्देलखण्ड को सूखे की चपेट में ला दिया है। हाल ही में कृषि निदेशालय लखनऊ से प्रदेश के 30 जनपदों को सूखे की श्रेणी में रखा गया है जहां अभी तक सामान्य से 40 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। बुन्देलखण्ड का चित्रकूट जालौन महोबा ललितपुर जनपद भी सूखे की चपेट की श्रेणी में है। विगत कई वर्षों से इंद्र देव की नजरें बुन्देलखण्ड पर इनायत नहीं हो रही हैं और इस वर्ष भी ऐसे हालत उत्पन्न हो गए हैं। ज्वार बाजरा अरहर जैसी प्रमुख बुंदेली फसलें काफी कम मात्रा में इस बार खेतों में लहलहाती दिखेंगी क्योंकि बारिश की बेवफाई से इनकी बोआई का समय निकल चुका है और जो बो भी दी गई हैं पानी के अभाव में उनके नष्ट होने का खतरा भी बढ़ गया है।
अन्नदाताओं के माथे पर चिंता की लकीरें
बुंदेली अन्नदाताओं के माथे पर एक बार फिर चिंता की लकीरों ने दस्तक दे दी है। आषाढ़ माह बीतने को है और सावन की अंगड़ाई शुरू हो चुकी है लेकिन बादलों की जुगलबन्दी ने अभी तक बारिश की बूंदों की रहमत बुन्देलखण्ड में नहीं दिखाई है। किसानों की तबाही का संकेत करते हुए भाजपा सांसद भैरव प्रसाद मिश्रा ने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को बुन्देलखण्ड में कृत्रिम बारिश करवाने के लिए पत्र लिखा है और जल्द से जल्द इस पर विचार कर इसे अमल में लाने की बात कही है।
कई फसलें नष्ट होने का अंदेशा, कृत्रिम बारिश की जरूरत
चित्रकूट बांदा लोकसभा क्षेत्र से पार्टी के सांसद भैरव प्रसाद मिश्रा ने मुख्यमंत्री को बुन्देलखण्ड के किसानों की वर्तमान दशा से अवगत कराते हुए कृत्रिम बारिश करवाने की दिशा में जल्द से जल्द कदम उठाने की बात कही है। सांसद ने पत्र के हवाले से यूपी सीएम को अवगत कराया कि चित्रकूट बांदा की मुख्य फसल ज्वार व् अरहर की बुआई का सीजन लगभग निकल गया है और बारिश न होने से जो बुआई हो चुकी है उसकी भी कोई अच्छी फसल तैयार नहीं होगी ऐसे में किसान फिर से तबाही की ओर खड़ा है। बारिश न होने की वजह से कई इलाकों में सिंचाई का अभाव है इसलिए सरकार कृत्रिम बारिश के विषय में शीघ्रता से विचार करे।
पहले मुस्कुराने का मौका दिया, अब रुला रहे हैं बादल
जून के अंतिम सप्ताह से लेकर जुलाई के शुरुआती हफ्ते तक बादलों की ठीक ठाक चहलकदमी ने बारिश के साथ अठखेलियां की मगर जुलाई के शुरआती हफ्ते के बाद अभी तक बारिश रूठी हुई है। चित्रकूट में तो अब तक 5 फीसदी से भी कम वर्षा हुई है। खेतों में धान की फसलों पर बारिश के नहीं संकट के बादल मंडरा रहे हैं। किसी जमाने में धान के बेहन जब रोपे(बोए) जाते थे तो खेतों में गीत मल्हार सुनाई पड़ते थे परंतु अब तो अन्नदाताओं को न तो गीत न मल्हार बस बारिश का इंतजार रहता है, कुछ ऐसी करवट ली है प्रकृति ने।
संसद में भी उठाया गया मुद्दा
संसद के चल रहे मानसून सत्र में पहले दिन यानि कल 18 जुलाई को भाजपा सांसद ने बुन्देलखण्ड की विभिन्न समस्याओं सहित सूखे की आने वाली आहट से अवगत कराते हुए सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। दूरभाष पर हुई बातचीत में भाजपा सांसद भैरव प्रसाद मिश्रा ने बताया कि यूपी सीएम को पत्र लिखने के साथ साथ उन्होंने संसद में अपने क्षेत्र के किसानों की समस्याएं रखी हैं और बारिश न होने की वजह से उत्पन्न हो रहे हालातों से सरकार को अवगत कराया है उम्मीद है कि जल्द कुछ न कुछ कदम जरूर उठाया जाएगा।
Published on:
20 Jul 2018 08:12 am
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