2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खतरनाक हथियारों को ऑपरेट करने में माहिर है दस्यु सुंदरी खूंखार डकैतों से रहा है पुराना नाता

बचपन संगीनों के साए में बीता खतरनाक हथियारों को ऑपरेट करने में माहिर दस्यु सुंदरी

3 min read
Google source verification
pulis combing

खतरनाक हथियारों को ऑपरेट करने में माहिर है दस्यु सुंदरी खूंखार डकैतों से रहा है पुराना नाता

चित्रकूट: पाठा के सीमावर्ती(यूपी एमपी) इलाकों में इस समय दहशत की सनसनी दस्यु सुंदरी साधना पटेल की चहलकदमी से फिजाओं में खौफ के सन्नाटे का राज है. पुलिस के मुताबिक दस्यु सुंदरी की उम्र लगभग 18 से 20 वर्ष की है. मध्य प्रदेश पुलिस ने उस पर 10 हजार का इनाम घोषित कर रखा है जिसे जल्द ही बढ़ाने पर विचार चल रहा है. ऐसा नहीं कि खौफ की इस बिजली की कड़कड़ाहट किसी बगावती तेवर की वजह से बीहड़ में गूंज रही है बल्कि उसका नाता ही खूंखार डकैतों से रहा है जिसके कारण बचपन संगीनों के साए में बीता. खतरनाक हथियारों को ऑपरेट करने में माहिर दस्यु सुंदरी साधना की चहलकदमी ने खाकी को भी आफत में डाल दिया है इसलिए उस पर इनाम घोषित करना पड़ा पुलिस के लम्बरदारों को.

दस्यु गैंगों से रहा पुराना नाता

चित्रकूट के भरतकूप ऑपरेशन पोस्ट अंतर्गत बगहिया गांव की निवासी दस्यु सुंदरी साधना पटेल का खूंखार दस्यु गैंगों से पुराना नाता रहा है. दो भाई एक बहन में साधना सबसे बड़ी है. पिता होरीलाल पटेल का पाठा के कई कुख्यात डकैतों से सम्पर्क रहा जिसकी वजह से दस्यु गैंगों की परछाई तेज तर्रार साधना पर बचपन से पड़ गई. पिता की मौत के बाद दस्यु गैंग उसके घर कुछ अधिक ही आने जाने लगे. बीहड़ व् पुलिस सूत्रों के मुताबिक इसी दौरान उसकी मां के कई डकैतों से सम्बन्ध हो गए. खूंखार डकैतों की संगत में साधना दबंगई से रहने लगी और लड़ाई झगड़ा करना उसका आए दिन का काम हो गया.

डकैत चुन्नीलाल कहलाया कथित पिता

साधना के पिता की मौत के बाद उसकी मां के सम्बन्ध डकैत ठोकिया के साथी व् रिश्तेदार दस्यु चुन्नीलाल से कुछ ज्यादा ही गहरे हो गए और दस्यु चुन्नीलाल बीहड़ के इलाकों में साधना का कथित पिता कहलाया क्योंकि वो साधना को अपनी बेटी बताया करता था. 3 नवम्बर(2015) को मध्य प्रदेश पुलिस ने दस्यु चुन्नीलाल को भागड़ा गांव के पास मुठभेड़ में ढेर कर दिया था. ठोकिया के खात्में(2008) के बाद वो दस्यु रागिया के साथ रहने लगा लेकिन सन 2011 में रागिया के इनकाउंटर के बाद उसने पाला बदलते हुए दस्यु बलखड़िया गैंग में पनाह ली. जुलाई 2015 में बलखड़िया के भी इनकाउंटर के बाद चुन्नीलाल अपना अलग गैंग बनाकर बीहड़ों में विचरण कर रहा था.

पहले प्रेमिका बनी फिर बीहड़ में उतरी साधना

साधना पटेल का अपनी बुआ के यहां भागड़ा गांव(मध्य प्रदेश) ज्यादा आना जाना होता था. इसी दौरान उसका संपर्क दस्यु नवल धोबी से हुआ. तेज तर्रार साधना दस्यु सरगना का दिल आ गया और दोनों के बीच मोहब्बत की चिंगारियां सुलगने लगीं. साधना नवल की प्रेमिका के रूप में जानी जाने लगी. नवल धोबी द्वारा इसी वर्ष(2018) जनवरी में दो सरकारी शिक्षकों का अपहरण करने की वारदात में साधना की भी महत्वपूर्ण भूमिका बताई गई. फ़रवरी 2018 में नवल धोबी के सलाखों के पीछे जाने के बाद साधना पटेल ने बीहड़ में कदम रखा.

गैंग की है मास्टर माइंड

साधना पटेल यूं तो बीहड़ के इलाकों में दस्यु सरगना नवल धोबी की प्रेमिका के रूप पहचानी जाती थी लेकिन नवल के जेल जाने के बाद उसने अपने तेवरों को कुख्यात रूप देते हुए खुद के कदम बीहड़ में उतार दिए और अब वह दस्यु सुंदरी 10 हजार की इनामी साधना पटेल के नाम से जानी जाती है. उसकी गैंग का लीडर नवल धोबी का दाहिना हांथ रहा 10 हजार का इनामी दीपक शिवहरे है जबकि गैंग की मास्टर माइंड साधना को कहा जाता है. पिछले महीने एक ग्रामीण के अपहरण और उसके साथ बेरहमी से मारपीट के बाद साधना पटेल का नाम सबसे पहले सुर्ख़ियों में आया. पिछले हफ्ते चित्रकूट के भरतकूप क्षेत्र में आधा दर्जन व्यापारियों से लूट की वारदात में भी दस्यु सुंदरी का हांथ बताया जा रहा है(हलांकि पुलिस इंकार कर रही है). इन वारदातों के बाद इलाके में इस नाम को लेकर व्यापारियों व् ग्रामीणों में खौफ की स्थिति है. राइफल सहित अन्य खतरनाक हथियारों को ऑपरेट करने में दस्यु सुंदरी साधना पटेल माहिर मानी जाती है. गैंग उसके इशारों पर किसी भी वारदात को अंजाम दे सकता है.

जल्द मिलेगी सफलता

इस बारे में थानाध्यक्ष नया गाँव चित्रकूट(मध्य प्रदेश) केपी त्रिपाठी ने बताया कि साधना, दीपक शिवहरे गैंग के खात्मे के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है। सीमावर्ती इलाकों में कॉम्बिंग की जा रही है। कुछ अहम जानकारियां हांथ लगी हैं सफलता जल्द मिलेगी।