26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Chitrakoot News: तंत्रमंत्र के चक्कर में तीन साल घर में कैद रहा ये परिवार,अब

चित्रकूट में कर्वी कोतवाली के तरौहां में एक परिवार ने तीन साल से खुद को कमरे में कैद कर रखा था। रिश्तेदारों ने पुलिस व चाइल्ड लाइन से मुक्त कराकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।

less than 1 minute read
Google source verification
Chitrakoot News: तंत्रमंत्र के चक्कर में तीन साल घर में कैद रहा ये परिवार,अब

Chitrakoot News: तंत्रमंत्र के चक्कर में तीन साल घर में कैद रहा ये परिवार,अब

चाइल्ड लाइन के मुताबिक तंत्रमंत्र के चक्कर में पति ने पत्नी और दो बच्चों को घर में बंधक कर रखा था।शुक्रवार को इस बात का खुलसा हुआ। घर में हवा भी कहीं से पहुंच न पाए। इसके लिए दरवाजे को बंद करने के साथ खिड़कियों को कच्चे मसाला व ईंट से भर दिया था। गुरुवार की देर शाम बच्चों के मौसा-मौसी और मामा पहुंचे तो ताला बंद देख चिंतित हो गए। पड़ोसियों की मदद से संस्था को सूचना दी।टीम ने बच्चों और मां को मुक्त कराया। जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां सबका इलाज चल रहा है।

सर्वोदय सेवा आश्रम चाइल्ड लाइन के समन्वयक विशेष त्रिपाठी ने बताया कि हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचना मिली कि कोतवाली के तरौंहा मोहल्ले में दुर्गाकुंज के काशी केशरवानी ने पत्नी 45 वर्षीय पूनम के साथ बच्चों 13 वर्षीय पुत्र रजत और 14 वर्षीय पुत्री अर्शिता को घर के अंदर कैद कर रखा है। न तो वह बच्चों को घर से निकलने देता है। और न उनकी पढ़ाई हो रही है। तीन साल से यह सब चल रहा है।

संस्था की दीपा शुक्ला और श्यामानंद को मौके पर पुलिस के साथ भेजा। घर का ताला खुलवाया तो पाया कि अंधेरे कमरे में मां और दोनों बच्चे मिले। तंत्रमंत्र की काफी सामग्री मिली। कमरे में भीषण गंदगी थी। बच्चों की हालत बहुत खराब थी। पुलिस की सहायता से एम्बुलेस से सभी को जिला अस्पताल भेजा गया।

जहां सबको भर्ती करने के साथ काशी व पत्नी भी मानसिक बीमार नजर आ रही है। बच्चों को देखकर लगता था कि कई दिनों से नहाए नहीं हैं। भरपेट खाना तक नहीं मिला।

कर्वी कोतवाली प्रभारी गुलाब त्रिपाठी ने कहा कि तंत्रमंत्र की बात उन्हें नहीं पता। पति-पत्नी मानसिक रूप से बीमार जरूर हैं। इसकी जांच कराई जा रही है।