
Chitrakoot Crime
चित्रकूट. कहा जाता है कि कोई भी पारिवारिक खासतौर पर पति पत्नी का संबंध विश्वास की उस नाजुक डोर पर टिका होता है जिसको आजीवन पकड़े रहना दोनों पर निर्भर करता है, लेकिन बदलते दौर की विकृत होती सामाजिक पारिवारिक विषमताओं में विश्वास की यह डोर इतनी कमजोर हो गई है कि जरा सी शक रूपी चिंगारी पूरे रिश्ते को तबाह कर देती है। पारिवारिक संवाद और दूरियां इस खाई को दिनों दिन इतना गहरा कर देते हैं कि एक दिन इसी खाई में परिवार की खुशियां दर्दनाक तरीके से दफन हो जाती हैं। कुछ ऐसा ही हुआ चित्रकूट में जहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो मासूम बेटियों को बेरहमी से मौत की आगोश में पहुंचा दिया।
चित्रकूट के कर्वी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत चकला गुरु बाबा गांव में अजीत रैदास नाम के व्यक्ति ने एक पति और पिता होकर भी वो खौफनाक कदम उठाया कि रूहें भी कांप जाएं दास्तां सुनकर।
पत्नी व् दो बेटियों की गला रेतकर की हत्या-
उक्त गांव निवासी अजीत रैदास ने अपनी पत्नी और दो बेटियों की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। किस्मत से उसका दस वर्षीय बेटा बच गया क्योंकि वह अपने दादा दादी के साथ सोया था। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार तो हो गया, लेकिन कुछ ही समय बाद वह खाकी के चंगुल में था। वारदात के बाद बेसुध सी अवस्था में हत्यारोपी ने पुलिस को पहले गोलमोल जवाब दिया, लेकिन बाद में पूछताछ के दौरान कुछ चौंकाने वाले खुलासे हुए। उधर हत्यारोपी के परिजनों ने भी चौंकाने वाली बात बताई।
अवैध सम्बंध का शक था हत्यारोपी अजीत को-
हत्यारोपी अजीत रैदास के परिजनों ने जानकारी देते हुए बताया कि लगभग महीने भर पहले उसके चाचा ने अजीत को उसकी पत्नी मैना को लेकर अवैध संबंध की बात बताते हुए भड़काना शुरू कर दिया। चाचा ने अपने पत्नी के भाई के साथ उसकी (अजीत) पत्नी के अवैध सम्बन्ध की बात बताई। आए दिन आरोपी का चाचा उससे कुछ न कुछ बताता था जिससे उसके मन में शक की जड़ें गहराती जा रही थी, जिसके बाद परिवार का माहौल भी तनावपूर्ण हो गया। अजीत भी तनाव व् गुस्से में रहने लगा। कभी कभार लड़ाई झगड़ा भी होता था। इस दौरान परिवार को इस बात का अंदेशा भी न था कि यह स्थिति एक दिन इतना खूनी रूप अख्तियार अख़्तियार कर लेगी।
सोते समय रेत दिया पत्नी और मासूम बेटियों का गला-
शुक्रवार को परिवार के सभी लोग गहरी नींद में थे। इधर अजीत के मन में उसके हैवान भरे रूप ने जन्म ले लिया था। हत्यारोपी के पिता दयाराम ने बताया कि भोर में करीब तीन बजे वारदात को अंजाम दिया गया। पिता के मुताबिक जब अजीत ने पत्नी मैना देवी (30) पर कमरे में धारदार चाकू से वार किया तो उसने मुकाबला करने की कोशिश की और खून से लथपथ वह परिजनों को बुलाने के लिए चीख पड़ी और बाहर की तरफ भागी। चीख पुकार सुनकर जब तक परिवार वाले अजीत के नापाक मंसूबों को नाकाम करने के लिए पहुंचे उसने कमरे में सो रही अपनी दो मासूम बेटियों पिंकी (6) व् नंदिनी (8) की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। अजीत ने इस दौरान कमरा अंदर से बंद कर लिया था।
बच गया बेटा-
इस दौरान पिता के खूनी रूप का शिकार बनने से उसका बेटा बच गया क्योंकि वह अपने दादा दादी के साथ दूसरे कमरे में सोया था। पथराई आंखों से वो एक टक अपनी मृतक माँ व् बहनों को देखता रहा।
Published on:
09 Mar 2018 08:02 pm
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