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प्रधानमंत्री आवास योजना: जिम्मेदार से लेकर लाभार्थी तक धूल झोंक रहे सरकार की आंखों में

प्रधानमंत्री आवास योजना गड़बड़झाले की योजना बनती जा रही है।

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चित्रकूट. शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के गरीबों को एक छोटा सा आशियाना उपलब्ध कराने हेतु केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना गड़बड़झाले की योजना बनती जा रही है। जिम्मेदार से लेकर लाभार्थी तक सरकार की आंख में धूल झोंक रहे हैं। जिस हिंसाब से अब इस योजना को लेकर अनियमितताओं की पोल खुल रही है उससे इस बात की तस्दीक साफ हो जाती है कि सरकारी योजनाओं के सही और समुचित क्रियान्वयन में नौकरशाही यदि काफी हद तक दोषी है तो उस योजना के तहत लाभ पाने वाले लाभार्थी भी कम नहीं। दूसरी सूरत में कह सकते हैं कि पूरा सिस्टम ही ऐसी योजनाओं को पलीता लगाता है। कुछ ऐसा ही हाल हो रहा है बुन्देलखण्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर। जिसमें अधिकारीयों से लेकर लाभार्थी तक सरकार को पीछे से धक्का मारते हुए इस योजना को पैजामा पहना रहे हैं।

देश के शहरी और ग्रामीण इलाकों के गरीबों को उनके सिर पर छत मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना भी अन्य सरकारी योजनाओं की तरह लड़खड़ाते गिरते पड़ते अपनी मंजिल की ओर बढ़ रही है। अब यह तो भविष्य के गर्भ में है कि अनियमितताओं के इतने हिचकोले खाते हुए यह योजना अपने लक्ष्य को प्राप्त कर पाती है कि नहीं।

लाभार्थी ही धूल झोंक रहे

जिनके लिए ये योजना शुरू की गई थी वे ही इसे पलीता लगा रहे हैं। जी हां लगातार लाभार्थियों के खिलाफ की जाने वाली कार्यवाहियां इस बात की तस्दीक करती हैं। चित्रकूट में पहले तो प्रशासनिक अधिकारीयों ने योजना को अमली जामा पहनाने में लापरवाही बरती लेकिन जब शासन स्तर से उनका पेंच कसा गया तो साहब लोग थोड़ी हरकत में आए और फिर इस योजना के लाभार्थियों की जांच और निर्माण कार्य प्रगति की समीक्षा का दौर शुरू हुआ।

दर्जनों लाभार्थियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जनपद के पांचो ब्लॉकों(मऊ मानिकपुर पहाड़ी कर्वी व् रामनगर) को अलग अलग लक्ष्य दिया गया है। लाभार्थियों को चयन करते हुए उन्हें पहली व् दूसरी किश्त भी उपलब्ध करा दी गई है कई जगहों पर लेकिन लाभार्थी भी दो कदम आगे निकले और खानापूर्ति के नाम पर सिर्फ कुछ ईंटे खड़ी करवाकर किश्त का पैसा डकार गए। अधिकारीयों ने जब अपने अपने क्षेत्रों में कार्य प्रगति का निरीक्षण शुरू किया तो पोल खुलती चली गई। मानिकपुर ब्लॉक में दो दर्जन से अधिक तो कर्वी ब्लॉक में 48 लाभार्थियों के खिलाफ विभिन्न थाना चौकियों में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कर्वी बीडीओ(खण्ड विकास अधिकारी) कुलदीप पटेल ने बताया कि अभी तक 48 लाभार्थी ऐसे चिन्हित किए गए हैं जिनमें कइयों ने निर्माण के नाम पर खानापूर्ति कर दी और कुछ ने सिर्फ थोड़ी थोड़ी दीवारें खड़ी कर किश्त को ठिकाने लगा दिया। इन सभी के खिलाफ कार्यवाही की गई है।

प्रधान व सचिव भी खड़े कर रहे हाथ

उधर दूसरी तरफ इस योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभाल रहे ग्राम प्रधान व् ग्राम सचिव भी प्रशासनिक अधिकारीयों के सामने प्रकट होते हुए अपना हांथ खड़ा कर रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी से मिलते हुए कई ग्राम प्रधानों व् सचिवों ने शिकायत की कि लाभार्थी निर्माण कार्य में हीलाहवाली बरतते हैं और जब उन्हें टोंका जाता है तो वे लड़ाई झगड़ा और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी पर उतारू हो जाते हैं। ऐसे ही एक मामले में मानिकपुर ब्लॉक के तहत मारा चंद्रा के ग्राम प्रधान व् सचिव के खिलाफ एक आदिवासी ग्रामीण(लाभार्थी) ने मारपीट का आरोप लगाते हुए थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

सीडीओ को मिल चुकी है चेतावनी

प्रधानमंत्री आवास योजना की धीमी प्रगति पर पिछले दिनों जनपद के मुख्य विकास अधिकारी(सीडीओ) को शासन स्तर से चेतावनी मिलते हुए फटकार लगाई गई जिसके बाद ये तेजी देखने को मिल रही है। कई जगहों पर अपात्रों के चयन की खबरें गाहे बगाहे अफसरों को मिल रही हैं जिसको लेकर डीएम विशाख जी अय्यर ने सभी मातहतों को किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं।

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