
चित्रकूट. कल 25 जनवरी को बहुचर्चित विवादों के सागर में हिलोरें मार रही फ़िल्म"पद्मावत" का विरोध अब लगभग देश के सभी इलाकों में शुरू हो गया है. जहां सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स की परछाई भी नहीं है और इस फ़िल्म के रिलीज़ होने का कोई सवाल ही नहीं है वहां भी प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरकर जुलुस निकालते हुए फ़िल्म का जमकर विरोध कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सम्मान पर आंच बर्दाश्त नहीं है और फ़िल्म रिलीज़ नहीं होनी चाहिए. फ़िल्म डायरेक्टर संजय लीला भंसाली के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका गया और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा गया.
फ़िल्म पद्मावत का विरोध पूरे देश में अपनी चरम अवस्था में पहुंचता जा रहा है. जिन इलाकों में इस फ़िल्म के रिलीज़ होने से कोई मतलब भी नहीं है वहां भी फ़िल्म का विरोध मुखर होने लगा है. कुछ ऐसा ही प्रदर्शन हुआ चित्रकूट में जहां पद्मावत के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने मुख्यालय में जुलुस निकाल सजंय लीला भंसाली का पुतला फूंका, इस दौरान भंसाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई. फ़िल्म को राजपूतों हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया गया. हालांकि जनपद में न तो मल्टीप्लेक्स है और न ही सिनेमाहॉल, इसलिए यहां फ़िल्म रिलीज़ का तो प्रश्न ही नहीं उठता. फिर भी इस फ़िल्म को लेकर राजपूतों के अंदर उबाल साफ देखने को मिल रहा है.
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे आशीष रघुवंशी ने कहा कि सम्मान पर आंच बर्दाश्त नहीं है. फ़िल्म रिलीज़ नहीं होनी चाहिए, और भावनाओं का सम्मान करना चाहिए. पूरे देश में इस फ़िल्म को लेकर माहौल बिगड़ रहा है जो अच्छा नहीं है. राष्ट्रपति को सम्बंधित ज्ञापन एसडीएम कर्वी को सौंपा गया जिसमें राष्ट्रपति से इस मामले को संज्ञान में लेने का अनुरोध किया गया है.
Updated on:
24 Jan 2018 02:38 pm
Published on:
24 Jan 2018 02:37 pm
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