
रामचरितमानस के रचयिता की जन्मस्थली को विकास की दरकार राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ेगी सरकार
चित्रकूट: अपनी कालजयी रचना श्रीरामचरितमानस के माध्यम से भगवान राम के चरित्र को जन-जन तक पहुंचाने वाले महान कवि गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली को आज भी विकास की दरकार है. ऐतिहासिक व पर्यटन की दृष्टि से इस इलाके में आज तक मूलभूत सुख सुविधाएं पूरी तरह से मुक्कमल नहीं हो पाई हैं. हालांकि यहां तक पहुंचने के लिए जो सड़क मार्ग है अब उसे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जोड़ दिया गया है. लेकिन बावजूद इसके इस महान कालजयी कवि की जन्मस्थली विकास के मुहाने से अभी काफी दूर है.
राजापुर है तुलसीदास की जन्मस्थली
जनपद मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर यमुना किनारे बसा राजापुर कस्बा गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली है. प्राचीन धार्मिक ऐतिहासिक धरोहरों को संजोए इस इलाके में आज भी विकास की वो किरण नहीं पहुंच पाई जिसकी इसे दरकार थी. यहां आज भी तुलसीदास की हस्तलिखित रामचरितमानस रखी हुई है. इलाके के अंदर सड़कों की हालत विकास की हकीकत बयां करती है. हालांकि केंद्र व प्रदेश में रामभक्त सरकार के आसीन होने से अभी भी यहां के बाशिंदों को खासी उम्मीद है कि राम के नाम को जन जन तक पहुंचाने वाले तुलसीदास की जन्मस्थली को भी चमका दिया जाएगा.
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करेगा देखभाल
यूं तो राजापुर विकास की परछाई पाने को आज भी आतुर है. लेकिन प्रदेश सरकार द्वारा एक दशांश पहल से यहां के समुचित विकास की आशा बलवती हुई है. दरअसल जनपद मुख्यालय कर्वी से राजापुर तक के सड़क मार्ग को अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण(NHAI) के जिम्मे कर दिया गया है. अब ये मार्ग 731A के नाम से जाना जाएगा. प्रदेश के लोक निर्माण राज्य मंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि कर्वी-राजापुर मार्ग अब एनएचएआई के तहत आएगा और उसकी देखभाल भी एनएचएआई करेगा. अभी तक ये मार्ग लोक निर्माण विभाग के तहत आता था. इसके अलावा एक अन्य धार्मिक स्थल सूरजकुण्ड सम्पर्क मार्ग में विशेष मरम्मत नवीनीकरण कार्य लम्बाई 850 मीटर लागत 75 लाख का शिलान्यास किया गया है। इस मार्ग से कई गांव जुड़ते हैं.
Published on:
13 Sept 2020 02:31 pm
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