
खबर का असर: तस्करी कर ले जाए जा रहे सैकड़ों बोरे तेंदू पत्ता बरामद, तस्करों की गुणा गणित जारी
चित्रकूट. बुन्देलखण्ड का हरा सोना कहे जाने वाले तेंदू पत्ते की तस्करी सम्बन्धी खबर मंगलवार को पत्रिका में प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए आरपीएफ जीआरपी व पुलिस ने संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चलाते हुए रेलवे स्टेशन से लेकर थाना क्षेत्रों में सैकड़ों बोरे तेंदू पत्ता बरामद किया। हालांकि तस्करों की गुणा गणित जारी है और वे सेटिंग करते हुए पत्तों से भरे बोरों को छुड़ाने के लिए जुगत भिड़ाने में लगे हैं लेकिन मामला मीडिया में हाइलाइट होने के कारण वन विभाग कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं दिख रहा है। मानिकपुर व बरगढ़ थाना क्षेत्रों में हुई कार्रवाई के दौरान हरे सोने के सैकड़ों बोरे अवैध रूप से बाहर ले जाते हुए बरामद किए गए अलबत्ता इनकी तस्करी करने वाले जादूई तरीके से भाग निकले। उधर बीहड़ में स्थित थानों और रेलवे स्टेशनों से तेंदू पत्ते की तस्करी के प्रयास आए दिन हो रहे हैं।
सरकारों को बुन्देलखण्ड से प्राप्त होने वाली कमाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हरे सोने(तेंदू पत्ता) की तस्करी सम्बन्धी खबर ने वन विभाग से लेकर आरपीएफ जीआरपी व् पुलिस प्रशासन को सकते में ला दिया है। हालांकि बहुत बड़े पैमाने पर इसकी रोकथाम होना बांकी है लेकिन घड़ी की मिनट की सूई की तरह हरकत में आए ज़िम्मेदारों ने कई जगहों पर चेकिंग अभियान चलाते हुए सैकड़ों बोरे तेंदू पत्ता बरामद किया है जिससे इस बात की तस्दीक हो गई है कि किस कदर इस हरे सोने को अवैध रूप से बाहर भेजकर तस्करों व् ठेकेदारों द्वारा मोटा मुनाफा कमाया जाता है।
तीन ट्रेनों व् पिकअप से बरामद हुए सैकड़ों बोरे
तेंदू पत्ते के अवैध रूप से तस्करी किए जाने की खबर पर आरपीएफ जीआरपी व् पुलिस ने मानिकपुर रेलवे स्टेशन पर संयुक्त चेकिंग अभियान चलाते हुए तीन पैसेंजर ट्रेनों से 90 बोरा तेंदू पत्ता बरामद किया, इसके अलावा बरगढ़ थाना क्षेत्र में अवैध रूप से पिकअप वाहन में ले जाए जा रहे तेंदू पत्तों को बरामद किया गया। बरगढ़ के ही कटैया डांडी रेलवे स्टेशन पर तेंदू पत्ता से भरे बोरे बरामद किए गए। इन सभी इलाकों में हमेशा से हरे सोने की इसी तरह तस्करी और अवैध रूप से सप्लाई होती आई है।
बीहड़ के रास्तों से भी होती है तस्करी
इसके इतर हरे सोने की तस्करी बीहड़ के रास्तों से भी होती है। सूत्रों के मुताबिक पिछले हफ्ते साढ़े पांच लाख लगभग के कीमत के तेंदू पत्तों को तस्करों ने एक ट्रक में भरकर पार कर दिया। विभाग को जब इस बात की जानकारी हुई तो हांथ मलने के अलावा कुछ नहीं बचा। बीहड़ों में हर जगह पहुंचना वन विभाग के लिए भी खासा मुश्किल काम होता है सो तस्कर इस चुनौती का फायदा उठाते हुए हरे सोने की तस्करी करते हैं।
मुनाफे से लेकर रोजी रोटी का माध्यम है हरा सोना
अपनी कई खूबियों के चलते तेंदू पत्ता बुन्देलखण्ड की पहचान कहा जाता है। इसी पत्ते से बीड़ी व् अन्य उत्पाद तैयार किए जाते हैं। साल भर आदिवासी मजदूरों व् सरकार को तेंदू पत्तों की तोड़ाई का इंतजार रहता है। मजदूरों को जहां तोड़ाई कार्य में लगने से दो वक्त की रोटी मिलती है वहीँ सरकार को पत्तों से करोङों अरबों का मुनाफा प्राप्त होता है। बुन्देलखण्ड में सबसे उन्नत किस्म के तेंदू पत्ते पाए जाते हैं।
Published on:
30 May 2018 02:29 pm
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