
चित्रकूट. पिता की बंदिशों को लांघ एक बेटी ने साहस दिखाते हुए अपनी पढ़ाई के लिए ऐसा कदम उठाया कि खुद खाकी के लम्बरदार उसके घर पहुंच गए और उसकी लगन देख उसके सपनों को साकार करने के लिए महकमे की तरफ से हर सम्भव सहयोग करने का वादा कर गए। बेटी के इस कदम से पूरा गांव आज उसकी तारीफ करते नहीं तक रहा तो वहीँ खाकी की मुक्त कण्ठ से प्रशंसा की जा रही है। यही नहीं उक्त छात्रा को औरों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए पुलिस ने लोगों से बेटियों को बोझ न समझने की अपील की। ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर अन्य समस्याओं के इतर खाकी ने बेटियों की शिक्षा के लिए उन्हें जागरूक किया।
पिता की लगाई गई बंदिशों की दहलीजों को लांघते हुए एक बेटी ने औरों के लिए एक संदेश छोड़ा है कि यदि राह सही और सच्ची हो तो कोई न कोई रास्ता अवश्य मिल जाता है फिर चाहे उस राह में अपनों का ही व्यवधान क्यों न हो। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है चित्रकूट के दस्यु प्रभावित गांव की एक छात्रा ने जिसकी हिम्मत और लगन देख अब पुलिस विभाग ने उसके सपनों को साकार करने का जिम्मा उठाया है।
समाधान दिवस में बताई थी खाकी को अपनी दास्तां
बीते 21 अप्रैल को जनपद के मानिकपुर थाने में आयोजित समाधान दिवस में एक लड़की ने खाकी को वो दास्तां बताई जिसके बाद खाकी ने उसके भविष्य को संवारने का आश्वासन दिया। दरअसल समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र लेकर आई मानिकपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दस्यु प्रभावित गांव सकरौंहा की निवासी कु। कोमल ने अपर पुलिस अधीक्षक को बताया कि उसके पिता उसे पढ़ाना नहीं चाहते जबकि इंटरमीडिएट में उसने काफी अच्छे अंक प्राप्त किए हैं और अब उसकी आगे पढ़ने और कुछ करने की इच्छा है। कोमल ने अपनी दयनीय स्थिति बताते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों से उसके पिता उसे पहनने के लिए कपड़े नहीं दिला रहे जिससे वह फ़टे पुराने कपड़े पहनने को मजबूर है। जब भी पिता से कुछ कहती है उसे डांट दिया जाता है। दास्तां बताते बताते कोमल की आंखों में आंसू आ गए।
पसीज गई खाकी उठाया यह कदम
कोमल की दास्तां सुन और उसकी पढ़ाई के प्रति लगन देख अपर पुलिस अधीक्षक बलवंत चौधरी ने तत्काल उसके लिए पहले नए कपड़े मंगवाए और फिर उसे भरोसा दिलाया कि अब से उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च वे खुद और पुलिस विभाग उठाएगा। उसे जहां भी मदद की आवश्यकता होगी विभाग हर सम्भव मदद करेगा।
जब एसपी पहुंचे कोमल के घर
दस्यु प्रभावित इलाके सकरौंहा में ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाने पहुंचे पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा मिठाई लेकर कोमल के घर जा पहुंचे और उससे मुलाकात करते हुए अब से उसकी पढ़ाई का पूरा जिम्मा पुलिस विभाग द्वारा उठाने का वादा उससे कर गए। एसपी ने कोमल की जागरूकता के लिए उसकी जमकर तारीफ़ और हौंसला अफजाई करते हुए परिजनों को समझाया कि उसके उज्ज्वल भविष्य निर्माण में उसका सहयोग करें। कोमल को एसपी ने हर सम्भव मदद का वादा किया। कोमल भी इतने बड़े अधिकारी को अपने देख अभिभूत नजर आई।
बेटियों को बोझ न समझें
दस्यु प्रभावित सकरौंहा गांव में कोमल आज एक प्रेरणास्रोत बन गई है अन्य लड़कियों के लिए। वहीँ एसपी ने ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाते हुए कहा कि बेटियों को बोझ न समझें बल्कि उन्हें आगे बढ़ने दें। यही बेटियां पढ़ लिखकर आगे चलकर नाम रोशन करेंगी। दस्यु प्रभावित इलाके में शिक्षा की महत्ता बताते हुए एसपी ने कहा कि शिक्षा निहायत जरुरी है और जब गांव शिक्षित होगा तो इसका विकास भी होगा। दस्यु समस्या भी आने वाले दिनों में यदि पूरी तरह से खत्म करनी है तो गांव में शिक्षा की अलख जगानी पड़ेगी। बेटियों को आगे बढ़ने से न रोकें।
Published on:
02 May 2018 09:03 am
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