
71 की उम्र में भी 21 का जज्बा
चित्तौडग़ढ़. कहते है अगर कुछ करने की लगन एवं जज्बा हो तो फिर ना तो उसमें उम्र बाधा होती है और ना ही संसाधनों की कमी रूकावट बनती हे। ऐसा ही उदाहरण है चित्तौडग़ढ़ के राजीव कॉलोनी में रहने वाले भगवान दास झंवर का। जिनकी उम्र करीब ७१ वर्ष है लेकिन पौधरोपण करने की ऐसी लगन है कि जैसे किसी २१ साल के युवा में होती है। प्रतिदिन कही ना कहीं पौधरोपण करने है। इतना ही नहीं स्वयं ही उसके लिए गढ्डा भी खोदते है।
शहर मध्य स्थित इंदिरा गांधी स्टेडियम में ही अब तक अकेले झंवर ने ४०० पौधे लगा दिए है जिनमें से कई तो अब पेड़ का आकार भी लेने लगे है। इतना ही नहीं इन पौधों की निरंतर देखभाल एवं उन्हें सिंचित करने का काम भी पिछले कई वर्षो से जारी है। ये वर्ष २००६ -०७ से स्टेडियम में पौधे लगा रहे है।
प्रतिदिन चार घंटे हरियाली के नाम
प्रतिदिन सुबह साढ़े पांच से छह के बीच अपने स्कूटर पर गेंती, फावड़ा और एक बाल्टी लेकर स्टेडियम पहुंचान इनकी दिनचर्या बन गई है। यहां पर करीब तीन से चार घंअे झंवर पौधों की देखभाल, उन्हें पानी देने एवं नए पौधों के लिए गढ्डे कर वहां पर पौधरोपण करते है। इतना ही नहीं स्टेडियम में लगी गाजर गास एवं अन्य झाडझंकार को भी हटाने का कार्य निरंतर करते रहते है।
पौधों का वितरण भी
इतना ही नहीं अपने अलावा अन्य लोंगों को पौधरोपण के लिए प्रेरित करने के काम में भी आप पीछे नहीं है। झंवर लोगों को अपने घर एवं संस्थान के बाहर पौधें लगाने के लिए अपने खर्च से पौधे लाकर वितरित करते है और इसके बाद जिसे दिए उसके घर जाकर स्वयं देखते है कि पौधे लगे या नहीं। इस वर्ष वे सात सौ पौधे वितरित कर चुके है।
अब तक दो हजार पौधे लगाए
झंवर ने बताया कि वे जहां भी जाते है वहां पर पौधरोपण करते है। ये क्रय विक्रयसहकारिता कार्यालय, शास्त्रीनगर मोक्षधाम, सांवलिया चिकित्सालय वे बताते है कि नागौर, ऋषिकेश, मेडता आदि जगह में करीब दो हजार पौधे लगा चुके है।
Published on:
02 Aug 2021 09:59 pm
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