
ईंट भट्टों से 36 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया,ईंट भट्टों से 36 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया
चित्तौडग़ढ़
बाल श्रम पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए बुधवार को पुलिस, श्रम विभाग व चाइल्ड लाइन टीम ने भूपाल सागर थाना क्षेत्र में तीन ईंट भट्टों से 36 बाल श्रमिकों को मुक्त करवाकर बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया। इसमें एक महिला बंधुआ श्रमिक भी शामिल है।
पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यंत ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से बाल श्रम व बाल तस्करी की प्रभावी रोकथाम के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त जांच समिति के सदस्य भोजराज सिंह ने भूपालसागर थाना क्षेत्र के ईंट भट्टों पर बच्चों से श्रम करवाने की सूचना दी। इस पर एएसपी शाहना खानम के नेतृत्व में कपासन, भूपालसागर व पुलिस लाइन के जाप्ते के साथ बचपन बचाओ आन्दोलन की टीम व चाइल्ड लाइन के सहयोग से बुधवार को भूपालसागर थाना क्षेत्र में भूपालसागर निवासी कालू पुत्र गणेश प्रजापत के तीन ईंट भट्टों पर संयुक्त कार्रवाई करते हुए 36 बच्चों को बालश्रम करते हुए मुक्त करवाया।
जब टीम कार्रवाई के लिए ईंट भट्टोंं पर पहुंची तो बच्चें ईट बनाने का कार्य करते पाए गए, जिस पर टीम ने उनसे बात कर अपने संरक्षण में लिया। बच्चों ने पूछताछ में ईंट भट्टों पर सायं 5 बजे से रात्रि 12 बजे व रात्रि 2 बजे से सुबह 10 बजे तक दो शिफ्टों में मिट्टी से कच्ची ईंटे बनाने का कार्य करना बताया। मुक्त करवाए गए बच्चों की आयु चार से सत्रह वर्ष के बीच है। इनमें 22 बच्चे व 14 बच्चियां शामिल हैं। अधिकांश बच्चे उत्तरप्रदेश निवासी है। टीम ने सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति चित्तौडग़ढ़ की अध्यक्ष प्रियंका पालीवाल, सदस्य शिव दयाल लखावत, सीमा भारती गोस्वामी के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति ने अग्रिम कार्रवाई तक के लिए सभी बच्चों को अस्थायी आश्रय दिलवाया। सूचना पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओमी पुरोहित व किशोर न्याय बोर्ड की प्रिन्सीपल मजिस्ट्रेट रजनी कुमावत भी बाल कल्याण समिति भी पहुंचे और मामले की जानकारी लेते हुए मुक्त करवाए गये बच्चों से वार्ता की। भूपाल सागर थाना पुलिस ने ईंट भट्टों के संचालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया है। इस दौरान एक महिला बधुंआ श्रमिक को भी मुक्त करवाया गया और उसकी शिकायत पर पुलिस ने अलग से प्रकरण दर्ज किया।
Published on:
29 Mar 2023 11:05 pm
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