
दुर्ग के मीरा मंदिर में गूंज गया ऐसा भजन कि हर कोई हो गया मग्न,दुर्ग के मीरा मंदिर में गूंज गया ऐसा भजन कि हर कोई हो गया मग्न,दुर्ग के मीरा मंदिर में गूंज गया ऐसा भजन कि हर कोई हो गया मग्न
चित्तौडग़ढ.
इस दौरान ज्योति बालाजी द्वारा गणेश वंदना से भजनामृत की शुरूआत के साथ ही झुलेत राधा संग नाचत सुरवर की शास्त्रीय संगीत प्रस्तुति के साथ मीरा के प्रसिद्ध भजन पायो जी मैने रामरतन पायो पर श्रोता री करतल ध्वनि से, वहीं राग वृंदावनि सारंग में प्रभु मने चाकर राखो जी, म्हारो प्रणाम बांकेबिहारी जी के साथ गोरीराज मेहता एवं उसके साथी कलाकारो द्वारा प्रस्तुत नृत्य नाटिका ने तो मीरा को मानो मीरा को मानो जीवंत ही कर दिया। कलाकारों ने मुरलिया बाजे जमना तीर, मेरे तो गिरधर गोपाल, होरी होरी खेल मनारे, मनवा राम नाम रस पीजे जैसे भजनो की स्वर लहरी के साथ मीरा के जीवनवृत को बहुत ही आकर्षक ढंग से प्रस्तुत कर स्थानीय श्रोताओं के साथ साथ देश विदेशी पर्यटको को भी आनंदित कर दिया। इस बीच स्थानीय कैलाश गंधर्व द्वारा ऐरी म्हाने वृंदालन लागे मीको, मैने तो लियो रे गोविंदो मोल की प्रस्तुति दी गई, वहीं जैसलमेर से आए महेश राय ने भक्ता रा भिडु ओ कठे लगाई देेर, कद आवोजी म्हारे डेरे जैसे मनभावन भजनों की प्रस्तुतियां देकर वातावरण को मीरामय बना दिया। कार्य्रम शुभारंम में संस्थान के अध्यक्ष एस एन समदानी, डॉ. ए एल जैन, ओ पी ओदिच्य, अर्जुन मूंदडा, भजन गायिका ज्योति सहित अन्य पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलन किया।
Published on:
14 Oct 2019 11:00 pm
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