
Chittorgarh Politics : चित्तौड़गढ़। निर्दलीय विधायक चन्द्रभानसिंह आक्या ने लोकसभा चुनाव लड़ने की बात को हवा देकर चित्तौड़गढ़ की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। चित्तौड़गढ़ विधायक आक्या ने कहा कि हम निर्दलीय है और आगे भी क्या करना है? इस बारे में कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर बात करेंगे। ऐसे में यह तो साफ है कि चित्तौड़गढ़ में सीपी जोशी की राह आसान नहीं होगी
कलक्ट्रेट में जिला परिषद की बैठक के बाद बुधवार को मीडिया के सवाल पर विधायक आक्या ने कहा कि क्या करना है, कैसे करना है, किसको समर्थन देना है। इस पर कार्यकर्ताओं के साथ विस्तार से चर्चा की जाएगी। लोकसभा चुनाव लड़ने या नहीं लड़ने के सवाल पर आक्या ने कहा कि अगर कार्यकर्ता कहेंगे तो सौ फीसदी चुनाव लडूंगा, इसमें कोई दोराय नहीं है।
आक्या के इस बयान के बाद एक बार फिर चित्तौड़ की राजनीति गरमा गई हैं। लोग यह भी आकलन लगाने में जुट गए है कि यदि निर्दलीय विधायक आक्या चुनाव लड़ते हैं तो राजनीतिक समीकरण किस करवट बैठेंगे। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद आक्या ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था और त्रिकोणीय संघर्ष में जीत हासिल की थी। खास बात ये रही थी कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी नरपत सिंह राजवी की जमानत जब्त हो गई थी। हालांकि, विधानसभा चुनाव में जीत के बाद आक्या ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मिलकर बीजेपी को समर्थन दिया था। लेकिन, उनके बयान से अब सियासत गरमा गई है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी के आक्या धुर विरोधी माने जाते हैं। पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने आक्या का टिकट काटकर पूर्व सीएम भैरोसिंह शेखावत के दामाद नरपत सिंह राजवी को चित्तौड़ से मैदान में उतार दिया था। तब से चंद्रभान सिंह और सीपी जोशी के बीच अदावत लगातार बढ़ गई थी। टिकट कटने पर आक्या ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी को खूब सुनाया था। आक्या ने सीपी जोशी पर आरोप लगाया था कि खुन्नस के चलते जोशी ने उनका टिकट कटवा दिया। अब एक बार फिर चंद्रभान सिंह ने सीपी जोशी को चुनौती देते हुए उनकी राह मुश्किल कर दी है।
Published on:
14 Mar 2024 12:08 pm

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