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सरकारी गाड़ी की टक्कर से हुई मौत, पुलिस अधीक्षक और ड्राइवर को मृतक के परिवार को देने होंगे 5 लाख रुपए

चित्तौडगढ़। मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण, चित्तौडगढ़ के पीठासीन अधिकारी अरुण जैन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में एक व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर मृतक के परिजन को 5 लाख रुपए पुलिस अधीक्षक एवं सरकारी गाड़ी के चालक से मय ब्याज के दिलाए जाने का आदेश दिया।    

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Motor Vehicle Accident Claims Tribunal

Motor Vehicle Accident Claims Tribunal

Motor Vehicle Accident Claims Tribunal : चित्तौडगढ़। मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण, चित्तौडगढ़ के पीठासीन अधिकारी अरुण जैन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में एक व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर मृतक के परिजन को 5 लाख रुपए पुलिस अधीक्षक एवं सरकारी गाड़ी के चालक से मय ब्याज के दिलाए जाने का आदेश दिया। मृतक के परिजन ने अधिवक्ता महेन्द्र कुमार पोखरना के माध्यम से मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण में एक क्लेम प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था।

मामले के अनुसार 20 मई 2015 को दिनेश कुमार मेहर बाइक से अपने गांव जा रहा था। रास्ते में रायती गांव से पहले आंवलहेडा की तरफ सामने की तरफ से एक सरकारी गाड़ी आरजे 09 यूए 5933 ने बाइक को टक्कर मार दी। दुर्घटना में मेहर गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस अधीक्षक एवं जीप चालक के अधिवक्ता का कथन था कि उक्त दुर्घटना स्वयं मृतक की गलती से घटित हुई।

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पुलिस ने लगाई एफ.आर
इसी कारण पुलिस अनुसंधान के बाद पुलिस थाना बेगूं ने मृतक की गलती मानते हुए एफ.आर प्रस्तुत की। इस कारण पुलिस अधीक्षक एवं चालक क्षतिपूर्ति राशि की अदायगी के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। न्यायालय ने अधिवक्ता पोखरना, रितु पोखरना के तर्कों से सहमत होते हुए आदेश दिया कि पुलिस अधीक्षक एवं जीप चालक दो माह के भीतर 5 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि मय ब्याज के मृतक के उत्तराधिकारियों को अदा करें।