18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चित्तौैड़ की धरा करें  हमारे गौरव का बखान,

स्वाधीनता के बाद राजपूताना की विभिन्न रियासतों को एकीकृत कर गठित आधुनिक राजस्थान के गठन के 64 वर्ष पूर्ण हो गए है। स्वाधीनता के बाद मेवाड़ रियासत का कोई वजूद भले नहीं रहा पर मेवाड़ का मुख्य केन्द्र चित्तौड़ का इतिहास आज भी आन-बान-शान की कहानी कहता है। चित्तौड़ी आठम को चित्तौड़ का स्थापना दिवस माना जाता है। लॉकडाउन के चलते इस बार कोई सार्वजनिक कार्यक्रम तो नहीं होगा लेकिन चित्तौड़ी आठम महोत्सव समिति ने शाम के समय घरों की छतों पर दीप जलाने का आह्वान किया है।

3 min read
Google source verification
चित्तौैड़ की धरा करें  हमारे गौरव का बखान,

चित्तौैड़ की धरा करें  हमारे गौरव का बखान,

चित्तौडग़ढ़.स्वाधीनता के बाद राजपूताना की विभिन्न रियासतों को एकीकृत कर गठित आधुनिक राजस्थान के गठन के 64 वर्ष पूर्ण हो गए है। स्वाधीनता के बाद मेवाड़ रियासत का कोई वजूद भले नहीं रहा पर मेवाड़ का मुख्य केन्द्र चित्तौड़ का इतिहास आज भी आन-बान-शान की कहानी कहता है। चित्तौड़ी आठम को चित्तौड़ का स्थापना दिवस माना जाता है। लॉकडाउन के चलते इस बार कोई सार्वजनिक कार्यक्रम तो नहीं होगा लेकिन चित्तौड़ी आठम महोत्सव समिति ने शाम के समय घरों की छतों पर दीप जलाने का आह्वान किया है। स्वाधीनता से पहले भी अपनी आन-बान शान के लिए दुनिया में खास पहचान रखने वाले चित्तौडग़ढ़ ने एकीकृत राजस्थान के ६४ वर्ष के इतिहास में भी सफलता व विकास के नए पथ पर चलते हुए राजस्थान के नक्शे में खास पहचान बनाई है। भक्ति व शक्ति की धरा चित्तौड़ दुर्ग यूनेस्को की विश्व विरासत में शुमार होकर दुनिया में राजस्थान का गौरव बढ़ा रहा है। पर्यटक सीजन में हर शुक्रवार शाही ट्रेन पैलेस ऑन व्हील्स के माध्यम से देशी-विदेशी पर्यटक यहां आते है। स्वाधीनता के बाद भी देश सेवा के लिए समर्पित जांबाजों को तैयार करने में चित्तौडग़ढ़ में स्थापित सैनिक स्कूल की भूमिका अहम है। देश को एक सेना प्रमुख व दर्जनों उच्च सैन्य अधिकारी देने वाले चित्तौडग़ढ़ सैनिक स्कूल की स्थापना केन्द्रीय रक्षा मंत्रालय ने सात अगस्त 1961 को देश में पहले पांच सैनिक स्कूलों की स्थापना के समय राज्य के एकमात्र सैनिक स्कूल के रूप में की थी। चित्तौडगढ़़ सैनिक स्कूल में पढ़कर जनरल दलबीरसिंह सुहाग देश की सेना में सर्वोच्च पद पर पहुंचे।
क्या है चित्तौड़ी आठम का इतिहास
चित्तौड़ी आठम के रूप में वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की आठम का चित्तौड़ के इतिहास में विशेष महत्व हैं। वर्ष 1136 ईसवी में जब चित्तौडगढ़़ पर मुगलों का आधिपत्य था तब राणा हम्मीर ने चित्तौड़ पर आक्रमण कर अधिकार कर लिया।हम्मीर ने दुर्ग पर कालिका माता मंदिर की स्थापना की जो कि पूर्व में सूर्य मंदिर हुआ करता था। मान्यता है कि दुर्ग स्थित बायण माता मंदिर, चतरंग मौरी तालाब की स्थापना भी वैशाख शुक्ल आठम को ही की गई थी। मेदपाट से चित्रकुट और कालान्तर में चित्तौड़ बनने तक के इतिहास में इस वैशाख शुक्ल पक्ष की आठम का विशेष महत्व रहा। माना जाता है कि चित्तौड़ के स्थापना दिवस चित्तौड़ी आठम पर पहले दुर्ग की तलहटी स्थित मिठाई बाजार,जूना बाजार से लेकर दुर्ग के मुख्य मार्ग पर मेला लगता था। एकीकृत राजस्थान के कुछ वर्षो बाद ये मेला बंद हो गया। कुछ वर्षो पहले चित्तौड़ी आठम फिर मनाई जाने लगी। इसके लिए महोत्सव समिति का गठन भी हुआ।

स्थापना दिवस मनाने को लेकर ऑनलाइन चर्चा
चित्तौड़ी आठम् महोत्सव समिति के सदस्यों ने लॉकडाउन की स्थिति में किस तरह ये पर्व मनाया जा सकता इस बारे में गुरूवार को ऑनलाइन चर्चा की। सचिव कुलदीप पारीक ने बताया कि बैठक में शहरवासियों से आह्वान किया गया कि चित्तौड़ स्थापना के दिवस के दिन शाम को 7.15 बजे अपने-अपने घरों की छत पर या बाहर मां कालिका के नाम चित्तौड़ की सुख, शांति एवं समृद्वि के लिए दीपक जलाएं एवं कोरोना से मुक्ति की कामना करें। बैठक में समिति के अध्यक्ष मुकेश नाहटा, सुशील शर्मा, धर्मेन्द मुन्दड़ा, राजकुमार कुमावत, मुकेश ईनाणी, अरविन्द ढीलीवाल, मोनू सोनी, अमन गौड़ सहित कई सदस्यों ने ऑनलाइन विचार सांझा किए।

चित्तौड़ को जानो प्रतियोगिता आज
चित्तौड़ी आठम पर जेसीआई चित्तौड़ चेतक की ओर से चित्तौड़ को जानो प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। अध्यक्ष अनिल ईनाणी ने बताया कि इस ऑनलाइन प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतियोगी को निर्धारित मोबाइल नंबर 9414110995, 9414109711 पर पंजीयन कराना होगा। प्रतियोगिता संयोजक पवन पटवारी के अनुसार पंजीकृत प्रतियोगी को दोपहर 3 बजे व्हाटसएप पर प्रश्नपत्र भेजा जाएगा, जिसका जवाब एक घंटे में देना होगा। सचिव योगेश अग्रवाल ने बताया कि विजेताओं को बाद में पुरस्कृत किया जाएगा।


बड़ी खबरें

View All

चित्तौड़गढ़

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग