चित्तौडग़ढ़
चित्तौडग़ढ़ जिले के पहला दीदी कैफे यहां पंचायत समिति परिसर के सरकारी भवन में शुरू होने जा रहा है। इसमें लोग कुल्हड़ चाय सहित चार तरह की चाय की चुस्की और राबड़ी का जायका ले सकेंगे। महिला सशक्तीकरण को लेकर राज्य सरकार ने ग्रामीण विकास एवं पंचायतराज के तहत संचालित राजीविका मिशन के माध्यम से यह पहल की है।
सरकार की इस पहल से महिलाओं को रोजगार मिलेगा और महिला सशक्तीकरण को बल भी। दीदी कैफे का पूरा काम महिला स्वयं सहायता समूह संभालेगा। पंचायत समिति परिसर में दीदी कैफे को लेकर रंग-रोगन और चित्रकारी का काम पूरा कर लिया गया है। यह सब राजस्थानी संस्कृति के अनुरूप होगा। कैफे की विशेषता यह होगी कि यहां मात्र दस रूपए में राबड़ी का जायका लिया जा सकेगा। इसके अलावा चार तरह की चाय मिलेगी, जिसमें लेमन, मसाला, पुदीना और केसर की चाय शामिल है। चाय कुल्हड़ में दी जाएगी।
राज्य सरकार की मंशा है कि प्रदेश में हर ब्लॉक पंचायत स्तर पर एक कैंटीन की व्यवस्था हो। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश पुरोहित ने सरकार की मंशा को ध्यान में रखते हुए ही राजीविका के साथ दीदी कैफे शुरू करने का निर्णय किया। खासियत यह है कि यह सारा काम महिला स्वयं सहायता समूह संभालेगा, इससे महिला सशक्तीकरण को भी बल मिलेगा और महिलाओं को रोजगार भी। यह प्रयोग सफल रहा तो जिले भर में दीदी कैफे खोलने की तैयारी की जाएगी। सरकारी कर्मचारियों के साथ ही आमजन भी इस कैफे में राबड़ी का जायका और चाय की चुस्की के साथ ही कचौरी-समोसे का स्वाद चख सकेगा। यह कैफे सरकारी कार्यालयों के समय अनुसार ही खुलेगा और बंद होगा। कैफे में स्टेशनरी और राजीविका मिशन के तहत तैयार अन्य उत्पाद भी उपलब्ध कराए जाएंगे।