बेगूं उपखण्ड के मंडावरी गांव से एक दूल्हा दुल्हन विवाह के बाद परिवार के साथ देवता धोकने जा रहे थे। रास्ते में उनकी कार अनियंत्रित हो गई व पलट कर सामने से आ रही कार से टकराई।
चित्तौड़गढ़। बेगूं उपखण्ड के मंडावरी गांव से एक दूल्हा दुल्हन विवाह के बाद परिवार के साथ देवता धोकने जा रहे थे। रास्ते में उनकी कार अनियंत्रित हो गई व पलट कर सामने से आ रही कार से टकराई। घटना में दूल्हे की मौत हो गई, वहीं दुल्हन सहित आठ जने घायल हो गए।
मंडावरी निवासी कालू पुत्र रतनलाल का गत 12 मई को समीप ही आमलदा गांव में पूजा के साथ विवाह हुआ था। रविवार को कालू उसकी नव विवाहिता पत्नी पूजा एवं परिजनों के साथ देवता धोकने धूणजी महाराजजा रहे थे। रास्ते में अनोपपुरा फ़तेहपुर के पास उनकी कार अचानक पलट कर सामने से आ रही एक कार से टकरा गई। इस हादसे में दूल्हे कालू की मौके पर ही मौत हो गई।
कालू की शादी को अभी एक महीना भी नहीं हुआ था कि एक माह में ही पूजा का सिंदूर उजड़ गया। घर में वह अकेला पुत्र था। कालू की मौत उसके परिवार सहित पूरे गांव के लिए शोक का कारण बन गई है। गांव मंडावरी में हर जगह इस हादसे की चर्चा है और सभी लोग हादसे पर दुख व्यक्त कर रहे हैं। पारसोली पुलिस ने हादसे की जानकारी दी और मृतक का शव पोस्टमार्टम करके परिजनों को सौंप दिया। हादसे के बाद परिवार में मातम पसर गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घायल हुए लोगों में कालू की नव विवाहिता पूजा, मां सायरी बाई, बहन देऊ, सत्यनारायण पुत्र मदन लाल, रिकू पुत्री मदनलाल, लक्की पुत्र सत्यनारायण, सुनीता पुत्री बाबूलाल और रोहित शामिल हैं। सभी घायलों को बेगूं उप जिला अस्पताल लाया गया, जहां से 6 लोगों को चित्तौड़गढ़ रेफर किया गया। एक अन्य घायल को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
मंडावरी से दूल्हा-दुल्हन अपने परिवार के साथ धूणजी महाराज देवता को धोक देने के लिए जा रहे थे। अनोपपुरा के पास तेज रतार कार अनियंत्रित हो गई व तीन बार पलटी खा गई और फिर सामने से आ रही एक कार से टकरा गई। गनीमत रही कि सामने वाली कार में बैठे लोगों को कोई चोट नहीं आई।