
किया माता का पूजन खेली रंगों की होली
चित्तौैडग़ढ़ बेगंू. नगर सहित आसपास के क्षेत्र में शीतला सप्तमी मनाई गई। महिलाओं ने व्यंजन बनाए। सुरक्षा के प्रबंध के बीच होली का जुलूस निकाला गया। रंग गुलाल से सराबोर हो डीजे की धुन पर थिरकते युवाओं ने होली का लुत्फ उठाया।
यहां तेरस व धुलेंंडी पर होली खेलने की परंपरा नहीं है। शीतला सप्तमी एवं रंग तेरस पर होली खेली जाती है। गुरुवार को शीतला सप्तमी मनाई गई। इसकी पूर्व संध्या पर महिलाओं ने घरों में बांसेड़ा व्यंजन बनाएं। दही, चावल एवं अन्य व्यंजन बनाए। इस त्योहार को बासौड़ा भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शीतला माता की पूजा करने से चेचक, नेत्र विकार आदि रोग होने का भय नहीं रहता है। इसी परंपरा में गुरुवार सुबह महिलाओं ने शीतला माता का पूजन कर घर परिवार में खुशहाली की कामना की। दोपहर को पुराने बस स्टैंड पर युवक एकत्रित हुए व डीजे की धुन एवं ढोल थाप पर नाचते हुए एक दूसरे को रंग गुलाल लगाई। पुराने बस स्टैंड चौक, लालबाई फूलबाई चौक को तिरंगा के रंग में गुब्बारे लगा कर सजाया। दोपहर बाद यहां से गैर का जुलूस आरम्भ हुआ। गली मोहल्लों में घरों की छतों से महिलाओं ने गैर में मौजूद लोगों पर रंग गुलाल फेंक कर स्वागत किया। कोरोना काल में दो वर्ष तक होली नहीं खेली जाने से युवकों में होली खेलने को लेकर उत्साह नजर आया। शांति व्यवस्था के लिए जगह जगह पर्याप्त मात्रा में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। जुलूस के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कैलाश सांधु, रावतभाटा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक साइना खानम, उपखण्ड अधिकारी मुकेश मीणा, उपखण्ड अधिकारी रावतभाटा कैलाश गुर्जर, तहसीलदार रामधन गुर्जर, पुलिस उप अधीक्षक रतनाराम देवासी, एससीएसटी सेल चित्तौडग़ढ़ डीएसपी राजीव जोशी, थाना प्रभारी रतनसिंह सहित आसपास के थानों के थाना प्रभारी एवं पुलिस जाप्ता मौजूद था।
डूंगला. कस्बे सहित उपखण्ड क्षेत्र में गुरुवार को शीतला सप्तमी पर्व मनाया गया। ठंडा खाने की परम्परा के चलते घरों में दही का ओलिया व गेहूं गुड़ से ढोकले बनाए गए। महिलाओं ने प्रात: जल्दी उठकर पीले वस्त्र पहनकर शीतला माता की पूजा-अर्चना की एवं घर परिवार में खुशहाली की कामना की। महिलाओं द्वारा शीतला माता की पूजा का क्रम तड़के से ही प्रारंभ हो गया था।
पारसोली. कस्बे में गुरुवार को शीतला सप्तमी का पर्व मनाया गया। महिलाओं ने बुधवार शाम को ही शीतला माता को लगने वाला भोग बनाया। शीतला माता के पूजन के लिए महिलाएं तड़के ही स्थानक पर पहुंच गई।
महिलाओं ने एक दिन पूर्व ही तैयारी शुरू कर ली थी। शीतला सप्तमी को ठंडा खाना ही खाया। कस्बे में होली धूमधाम से खेली गई।
भदेसर. भादसोड़ा के आसपास के गांवों में शीतला सप्तमी पर होली खेली। बाजार भी बंद रहे। गांवों में शीतला माता की महिलाओं ने पूजा अर्चना की। भादसोड़ा, लेसवा, कूथणा सहित आसपास के गांवों में होली खेली। भादसोड़ा कस्बे तथा सांवलिया जी चौराहे पर व्यवसायियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे। मंडफिया, भादसोड़ा, भदेसर सहित सभी गांव में शीतला माता की पूजा-अर्चना की गई।
बानसेन, कन्नौज, भदेसर तथा आसावरा माता में तेरस पर होली खेलते हैं।
भूपालसागर. गांवों में शीतला सप्तमी के पर्व पर महिलाओं ने शीतला माता की पूजा अर्चना की। युवक युवतियों ने एक दूसरे के गुंलाल का टीका लगा कर शुभकामनाएं दी। फागनियों के गीतों पर होली खेलने का लुप्त उठाया।
बिनोता. श्री चारभुजा नाथ मंदिर पर भक्तों द्वारा फाग उत्सव मनाया गया। भगवान को विभिन्न प्रकार की गुलाल लगाई गई।
भैंसरोडगढ़. शीतला सप्तमी पर प्रात: से ही महिलाएं शीतला माता के दरबार में पहुंच कर पूजा अर्चना की। शीतला माता जी को ठंडा व्यंजन का भोग लगाया।
चिकारड़ा. शीतला सप्तमी पर चिकारडा में ठंडा व्यंजन माता शीतला को अर्पण कर भोग लगाया।इस परंपरा के साथ रंगों का त्योहार होली भी खेली गई।
कपासन. नगर में शीतला अष्टमी का त्योहार एवं रंगोत्सव शुक्रवार को मनाया जाएगा। दोपहर बाद गैर नृतकों की ओर से इला जी की शोभा यात्रा निकाली जाएगी। अष्टमी के लिए गुरुवार को परिवारों में भोजन बनाया गया।
Published on:
24 Mar 2022 11:45 pm
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