
चित्तौड़गढ़. प्रदेश में पहले लोकसभा चुनाव 72 साल पहले मार्च 1952 को हुए थे। प्रथम लोकसभा आम चुनाव में 70 प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया था। राज्य के 76 लाख 76 हजार 419 मतदाताओं में से 35 लाख 05 हजार 956 मतदाताओं ने इनके भाग्य का फैसला किया था।
प्रथम लोकसभा चुनाव में प्रदेश में 18 लोकसभा सीटें थीं। परिसीमन के बाद बढ़कर ये सीटें 25 हो गईं। राज्य में 18 वीं लोकसभा के लिए 5 करोड़ 30 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर अपना नेता चुनेंगे।
राजस्थान में प्रथम आम चुनाव 27 मार्च 1952 को हुए। इसमें बीकानेर-चूरू, जोधपुर, बाडमेर-जालोर, सिरोही-पाली, चित्तौड़, कोटा-बूंदी, कोटा-झालावाड़, नागौर-पाली, सीकर, जयपुर, भरतपुर-सवाई माधोपुर, अलवर, टोंक, भीलवाड़ा, उदयपुर, गंगानगर- झुंझुनू, बांसवाड़ा-डूंगरपुर क्षेत्र थे।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में कुल 3 करोड़ 24 लाख 76 हजार 481 मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया। इसमें 1 करोड़ 71 लाख 41 हजार 315 पुरुष और 1 करोड़ 53 लाख 35 हजार 166 महिला मतदाता शामिल थे। इसके अलावा इसमें 35 हजार 417 मत ऐसे रहे जो रिजेक्ट, मिसिंग और प्राप्त नहीं हुए।
अब देश के युवाओं में राजनीति को लेकर क्रेज बढ़ा है। भारतीय निर्वाचन आयोग के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार के लोकसभा चुनाव में सर्वाधिक युवा मतदाता राजस्थान से हैं। इस बार राजस्थान से 22.71 लाख नए वोटर जुड़े हैं। जो इस चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। देश के सात बड़े राज्यों में सबसे अधिक आंकड़ा राजस्थान का ही माना जा रहा है।
Published on:
10 Apr 2024 10:38 am
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