
चित्तौड़गढ़. आईआईटी मद्रास के मेडिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग की ओर से नवाचार किया गया है। मेडिकल साइंस व इंजीनियरिंग में 4 वर्षीय बैचलर ऑफ साइंस बीएस पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इस पाठ्यक्रम में प्रवेश जेईई एडवांस्ड की मेरिट सूची के आधार पर नहीं होगा। प्रवेश इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) की ओर से आयोजित एप्टीट्यूड टेस्ट आईएटी की मेरिट सूची के आधार पर दिया जाएगा। एजुकेशन एक्सपर्ट्स ने बताया कि बताया कि भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए मेडिकल साइंस तथा इंजीनियरिंग के मध्य एक सेतु की आवश्यक थी। जो इस पाठ्यक्रम के तहत पूरी होगी। विद्यार्थियों को मानव शरीर संरचना विज्ञान के सभी पहलुओं के साथ-साथ आवश्यक जांच उपकरणों से संबंधित तकनीकी एवं इंजीनियरिंग विषयों की शिक्षा भी दी जाएगी।
इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए सीनियर सैकंडरी स्तर पर गणित विषय का होना अनिवार्य है। अन्य विषयों में बायोलॉजी, गणित तथा केमिस्ट्री में से कोई 2 विषय हो सकते हैं। मेडिकल साइंस तथा इंजीनियरिंग के 4-वर्षीय बैचलर ऑफ साइंस बीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आईआईटी मद्रास के बीएस एमएसई ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करना होगा। इससे पूर्व विद्यार्थी को आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट-आईएटी के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जिसका आयोजन 9 जून को किया जाएगा। बीएस-एमएसई पाठ्यक्रम की ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 5 जून तक चलेगी।
जेईई-मेन, एडवांस्ड के माध्यम से आईआईटी एनआईटी ट्रिपल आईटी तथा जीएफटीआई संस्थानों में प्रवेश के लिए 75 प्रतिशत अंकों की बाध्यता है। इस कारण जनरल, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस श्रेणी के कई विद्यार्थी संस्थानों में प्रवेश से वंचित रह जाते हैं। ऐसे विद्यार्थियों के लिए आईआईटी मद्रास का नवाचार बेहतर विकल्प होगा। इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए एससी, एसटी तथा दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए 12वीं बोर्ड में एग्रीगेट 55 प्रतिशत तथा जनरल श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए एग्रीगेट 60 प्रतिशत अंक होना ही जरूरी है।
आईआईटी मद्रास के मेडिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग की ओर से नवाचार किया गया है। मेडिकल साइंस व इंजीनियरिंग में 4 वर्षीय बैचलर ऑफ साइंस बीएस पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इस पाठ्यक्रम में प्रवेश जेईई एडवांस्ड की मेरिट सूची के आधार पर नहीं होगा। प्रवेश इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) की ओर से आयोजित एप्टीट्यूड टेस्ट आईएटी की मेरिट सूची के आधार पर दिया जाएगा। एजुकेशन एक्सपर्ट्स ने बताया कि बताया कि भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए मेडिकल साइंस तथा इंजीनियरिंग के मध्य एक सेतु की आवश्यक थी। जो इस पाठ्यक्रम के तहत पूरी होगी। विद्यार्थियों को मानव शरीर संरचना विज्ञान के सभी पहलुओं के साथ-साथ आवश्यक जांच उपकरणों से संबंधित तकनीकी एवं इंजीनियरिंग विषयों की शिक्षा भी दी जाएगी।
Published on:
22 Apr 2024 02:16 pm
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