
24 साल बाद कल चित्तौडग़ढ़ पहुंचेगी नटराजन की असली मूर्ति
चित्तौडग़ढ़.
24 साल पहले ऐतिहासिक रावतभाटा के बाड़ौली शिव मंदिर के मंदिर से चोरी हुई भगवान नटराजन की प्राचीन व दुर्लभ एवं असली मूर्ति रविवार को चित्तौडग़ढ़ पहुंचेगी। जिसका अभिषेक कर केन्द्रीय मंत्री केन्द्रीय मंत्री अर्जुनलाल मेघवाल पुरातत्व विभाग को सुर्पुद करेंगे। विदेश से इस मूर्ति के चित्तौडग़ढ़ पहुंचने से सभी ओर हर्ष की लहर है।
चित्तौड$गढ़ जिले में रावतभाटा के पास स्थित ऐतिहासिक बाड़ौली शिव मंदिर से वर्ष 1998 में दुर्लभ नटराजन की मूर्ति चोरी हो गई थी। यह मूर्ति बाड़ौली मंदिर समूह के मुख्य मंदिर घटेश्वर महादेव के पाश्र्व भाग में लगी हुई थी। बाड़ौली के प्राचीन घटेश्वर शिव मंदिर से फरवरी 1998 में नटराज मूर्ति चोरी हुई थी और 8 माह बाद एक मूर्ति जंगल में पाई गई, जिसके बाद विभाग ने इसे ही असली मूर्ति समझकर गोदाम में रखवा दिया था।
वहीं ऑपरेशन ब्लैक ***** के दौरान चोरों ने पुलिस को बताया कि नटराज की असली मूर्ति चोरी हो गई है और रखी गई मूर्ति नकली है। यह बात भी सामने आई कि असली मूर्ति लंदन में किसी प्राइवेट म्यूजियम में रखी हुई है। तस्करों ने इसे बेच दिया था। 1998 में चोरी यह मूर्ति बहुत दुर्लभ है। केन्द्र सरकार अपनी प्राचीन विरासत को संग्रहित करने के क्रम में मूर्ति को भी भारत को लौटाने में सफल रही और 2020 में इसे भारत में लाया गया। सांसद जोशी के प्रयासों से कानूनी औपचारिकता के बाद अब रविवार को केन्द्र सरकार के संस्कृति मंत्री अर्जुनराम मेघवाल दुर्ग स्थित कुंभा महल के उद्यान में शाम को 4.30 बजे औपचारिक कार्यक्रम में स्थानीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) को सौंपेंगे। सांसद जोशी का प्रयास है कि बाड़ौली में म्यूजियम बनाया जाए ताकि यह सुरक्षित तरीके से मूर्ति वहां पर स्थापित की जा सके। सांसद ने इस संबंध में केन्द्रीय मंत्री से मांग की है।
Published on:
13 Jan 2023 10:33 pm
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