
न नाचे, न बजे बैण्डबाजे, बिना बारातियों के हो गई शादी
चित्तौडग़ढ़. यू तो अक्षय तृतीय पर हर बार ढेरों शादियां देखी और सुनी है, लेकिन निम्बाहेड़ा की नेहा एवं अजमेर के केकड़ी के आशीष की शादी वास्ताव में रविवार को यादगार बन गई। इस शादी में ना बैंड, ना बाजा, ना बारात एवं नाही ही कोई बाराती थे। बस दूल्हा अकेला आया और पांच लोगों की उपस्थिति में ***** रिति रिवाज से शादी कर अपनी दुल्हन को साथ ले गया। विवाह के दौरान पंडित ,वर वधु एवं मौजूद सभी ने मास्क पहने ही शादी की रस्त निभाई।
जिले के निम्बाहेड़ा में बापू बस्ती में रहने वाले लोकेश कोदली की पुत्री नेहा का विवाह अजमेर निवासी एवं केकड़ी नगर पालिका में कर्मचारी आशीष के साथ करीब चार साल पहले तय हुआ था। चूंकि नेहा नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी इसलिए विवाह नहीं हो सका। अब पढ़ाई पूरी होने के बाद दोनों पक्षों की ओर से २६ अप्रेल अक्षय तृतीया पर विवाह तय था। ऐसे में कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन और शादी से ठीक एक दिन पहले निम्बाहेड़ा में कफ्र्यु लग गया। अब ऐसे में परिवार ने जिला कलक्टर के यहां पर अपनी परिवेदना लगाई तो जिला कलक्टर चेतन देवड़ा ने भी सामाजिक सरोकार का परिचय देते हुए पांच लोगों की उपस्थिति में शादी करने की स्वीकृति ही नहीं दी बल्कि वंडर सीमेन्ट में कफ्र्यु बाहरी क्षेत्र में शादी की रस्में निभाने की व्यवस्था भी की गई। जहां पर पूरे रिति रिवाज से आशीष का विवाह नेहा के साथ करवाया गया। यहां पर वंडर सीमेन्ट की ओर से सभी के लिए भोजन आदि की व्यवस्था भी की गई।
तरूण व मीनू भी बंधे परिणय सूत्र में
वहीं चितौडग़ढ़ के मीठा राम जी का खेड़ा में रहने वाले तरुण मीणा का विवाह भी पूरी सादगी एवं सुरक्षा के साथ उदयपुर की रहने वाली मीनू मीणा हुआ। उदयपुर मात्र तरुण व उसके मित्र दोनों ही एक गाड़ी से पहुंचे एवं दुल्हन मीनू वह एक परिवार का सदस्य पंडित कुल 5 जनों की उपस्थिति में विवाह सम्पन्न करवाया गया। शादी कर वे चित्तौडग़ढ़ लौटे उन्होंने सैनिटाइजर व मास्क के बांटे तथा सभी स्वस्थ रहे यह कामनाएं की। तरूण ने बताया कि यह शादी पूरी सादगी से सम्पन्न हुई है।
अगले दो साल नहीं था सावा
नेहा एवं आशीष का विवाह चार साल पहले तय हुआ था। नेहा के पिता लोकेश ने बताया कि इस सावे के बाद अगले दो साल तक कोई शादी को मुर्हुत नहीं था इसलिए यह शादी अभी करनी पड़ी।
केवल अकेले आया वर
आशीष अजमेर कलक्टर से चार लोगों की स्वीकृति लेकर यहां विवाह करने कार में आया लेकिन उसके दो दोस्तों को वह गंगरार चेकपोस्ट पर छोड़कर अकेला ही विवाह करने के लिए पहुंचा। यहां से वह अपनी दुल्हन को लेकर शाम को अजमेर के लिए रवाना हो गया।
Published on:
27 Apr 2020 12:52 pm
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