
Chittorgarh News : प्रदेश में संचालित सरकारी और निजी स्कूलों के आसपास बिकने वाले गुटखा, सिगरेट और नशीले पदार्थों को रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने स्कूलों में कमेटी गठित करने की पहल की है, ताकि नशे की लत विद्यार्थियों में न पड़े। हालांकि जमीनी हकीकत यह है कि सरकारी और निजी स्कूलों के आसपास गुटखा, सिगरेट और नशीले पदार्थ की दुकानों का संचालन हो रहा है। इन पर किसी भी प्रकार की कोई पाबंदी नहीं है। अब प्रत्येक स्कूल में विद्यार्थियों पर निगरानी रखने के लिए संस्था प्रधान, अभिभावक, छात्र प्रतिनिधि व पुलिस कांस्टेबल की एक कमेटी बनाई जाएगी।
स्कूली बच्चों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक किया जाएगा। साथ ही विभिन्न गतिविधियों से लोगों को भी जागरूक किया जाएगा। संस्था प्रधान स्कूलों के आसपास नशीली वस्तुओं की बिक्री पर नजर रख इसे बंद कराएंगे। विभागीय आदेशों की सभी को पालना करनी होगी। - प्रमोद कुमार दशोरा, सीडीईओ चित्तौड़गढ़
सरकारी और निजी स्कूलों में विद्यार्थियों को नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए समय-समय पर जागरुकता रैली आदि कार्यक्रम किए जाएंगे। इसके साथ ही स्कूलों में नशे से होने वाले नुकसान के बारे में बच्चों को बताया जाए।
स्कूलों के आसपास 100 गज के दायरे में नशीले पदार्थ पूर्ण रूप से प्रतिबंधित हों, इसके लिए संस्था प्रधान की जिम्मेदारी होगी और उसको बंद करवाया जाएगा। यदि कोई दुकानदार नशीले पदार्थ पर पाबंदी नहीं लगाता है तो शिक्षण संस्थान इस पर पहली बार उल्लंघन करने वाले पर 100 रुपए तथा दूसरी बार उल्लंघन करता है तो 200 रुपए का आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
Updated on:
19 Jul 2024 02:40 pm
Published on:
19 Jul 2024 02:40 pm
