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ग्रामीणों ने किस का किया विरोध, क्यों खटाई में खाद कारखाना

हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड की ओर से नगरी पंचायत के बिलिया गांव में १३ अरब से अधिक लागत से प्रस्तावित खाद कारखाना अब खटाई में दिख रहा है।

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ग्रामीणों ने किस का किया विरोध, क्यों खटाई में खाद कारखाना

चित्तौडग़ढ़. हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड की ओर से नगरी पंचायत के बिलिया गांव में १३ अरब से अधिक लागत से प्रस्तावित खाद कारखाना अब खटाई में दिख रहा है। इस लगाने के प्रस्ताव पर मंगलवार को राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल चित्तौडग़ढ़ की ओर से पर्यावरण स्वीकृति जारी करने के लिए हुई जनसुनवाई विरोध व हंगामे में सिमट कर रह गई। ग्रामीणों के साथ जनप्रतिनिधियों ने भी विरोध के सुर बुलंद किए। वहां मौजूद ेकई लोग जहां जनसुनवार्ई स्थगित होने की चर्चा करते रहे वहीं जिला प्रशासन ने जनसुनवाई पूरी हो जाने का दावा करते हुए रिपोर्ट सरकार को भेजने की बात कही है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल अधिकारियों ने भी गांव में खाद कारखाना लगाने का विरोध सामने आने की बात कहते हुए पर्यावरण स्वीकृति जारी नहीं करने की अनुशंसा करने की बात कही है। गांव केे राजकीय माध्यमिक विद्यालय में दोपहर करीब १२ बजे जन सुनवाई की कार्रवाई विधिवत रूप से शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में वहां मौजूद ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि हमे गांव की भूमि पर ये कारखाना नहीं चाहिए। बीलिया और नगरी सहित आसपास के गांवों से पहुंचे ग्रामीणों का आरोप था जिंक ने ग्रीन बेल्ट को विकसित नहीं किया और उस भूमि पर फर्टिलाइजर का कारखाना लगाने जा रहा है। उन्होंन जिंक के वर्तमान प्लान्ट से भी प्रदूषण फैलने का आरोप लगाते हुए यहां कारखाना नहीं लगाने की मांग की। जनसुनवाई में आए चित्तौडग़ढ़ विधायक चन्द्रभानसिंह आक्या, बेगूं विधायक राजेन्द्रसिंह विधुड़ी आदि जनप्रतिनिधियों ने वहां मौजूद प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के क्षेत्रीय अध्ािकारी महावीर प्रसाद मेहता से सवाल किया कि जिस जगह खाद का कारखाना लगाने की बात कही जा रही है, उस जमीन का कन्वर्जन हुआ या नहीं। जवाब में मेहता ने कहा कि कन्वर्जन तो नहीं हुआ है। इस पर जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जब कन्वर्जन ही नहीं हुआ है तो फिर कारखाना लगाने की बात क्यों की जा रही है। मेहता इस बारे में स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। ग्रामीणों ने कहा कि वे किसी भी हालत में यहां खाद का कारखाना नहीं लगने देंगे। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पहले किसानों की जमीन की बाजार मूल्य तय होगा। वर्ष २०१३ में केन्द्र सरकार ने बिल पास किया था कि किसान को एक एकड़ जमीन का पांच करोड़ रूपए मुआवजा मिलेगा। आस पास के गांवों के लोग वहां पानी के नमूने लाकर दिखाए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जिन किसानों की जमीने ली जाती है उनके परिवार से कंपनी में नियमित कर्मचारी के रूप में नौकरी दी जाए। जनप्रतिनिधियों ने अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) दीपेन्द्रसिंह राठौड़ से कहा कि जब नियम ही पूरे नहीं हो रहे तो जनसुनवाई किस बात की हो रही। हंगामे व विरोध के बीच राठौड़ ने जनसुनवाई कर लेने का दावा किया। जन सुनवाई में कपासन से कांग्रेस प्रत्याशी रहे आनन्दीराम खटीक, उपखण्ड अधिकारी विनोद कुमार व बड़ी संख्या में पुलिस जाप्ता मौजूद रहा।
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जनसुनवाई में कारखाने के बारे में प्रस्तुति ही नहीं
प्रशाासन ने खाद कारखाने के लिए जनसुनवार्ई पूरी हो जाने का दावा तो किया लेकिन वहां आम जन द्वारा कोई सवाल ही नहीं पूछे जा सके। खाद कारखाने की क्या विशेषताएं होगी इस बारे में भी कोई प्रस्तुति नहीं दी जा सकी। कर्ई लोग आपत्तियां व सवाल लेकर आए थे लेकिन बात नहीं रख पाए।
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राजनीति का मंच बन गया जनसुनवाई स्थल
जनसुनवाई स्थल का नजारा किसी राजनीतिक कार्यक्रम जैसा प्रतीत हुआ। मंच पर अधिकारी कम जनप्रतिनिधि अधिक थे। राजनीतिक रूप से विरोधी माने जाने वाले नेताओं के सुर इस मामले में एक जैसे नजर आए। चित्तौड़ से भाजपा विधायक चन्द्रभानसिंह आक्या हो या बेगूं से कांग्रेस विधायक राजेन्द्रसिंह विधुड़ी दोनों ने ही खाद कारखाने के लिए पर्यावरण स्वीकृति जारी करने के प्रस्ताव का विरोध किया। प्रशासन ने जनसुनवाई पूरी हो जाने का दावा किया लेकिन वहां मौजूद कई लोग समझ ही नहीं पाए कि सुनवाई की विधिवत प्रक्रिया कब शुरू हुई।
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क्या है खाद कारखाने का प्रस्ताव
हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड ने बिलिया गांव में १.०२ मिलियन टन प्रतिवर्ष की क्षमता वाली फर्टीलॉइजर परियोजना का प्र्रस्ताव किया है। अमोनियम फॉस्फेट फर्टीलाइजर-केमिकल फर्टीलॉइजर कॉम्पलेक्स के नाम से प्रस्तावित प्रोजेक्ट पर प्रथम चरण में करीब १३ अरब ५० करोड़ की लागत आनी है। कंपनी का दावा है कि इस प्रोजेक्ट के माध्यम से करीब १५०० प्रशिक्षित एवं अप्रशिक्षित लोगों को रोजगार मिलेगा। प्रोजेक्ट के तहत हिन्दुस्तान जिंक स्मेल्टर से सल्फ्यूरिक एसिड एवं डीएपी निर्माताओं से लोकल रॉक फॉस्फेट उपलब्ध कराया जाएगा। इनका उपयोग कर आधुनिक तकनीक से फर्टीलॉइजर कॉम्पलेक्स में डाई अमोनियम फॉस्फेट, एनपीके, अमोनियनम फॉस्पोफेट सल्फेट तैयार किया जाएगा। रॉक फॉस्फेट व सल्फ्यूरिक एसिड के माध्यम से रॉक फॉस्फेट तैयार किया जाएगा।
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जनसुनवाई पूरी, सामने आया विरोध
जिंक के खाद कारखाने के लिए जनसुनवार्ई की गई। शुरू होते ही अधिकतर लोगों व जनप्रतिनिधियों नया कारखाना लगाने के प्रस्ताव को नियम विरूद्ध बता विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद जनसुनवाई समाप्त हो गई। जनसनुवाई में नया कारखाना लगाने को लेकर जो विरोध सामने आया उस बारे में रिपोर्ट सरकार को भेज दी जाएगी।
दीपेन्द्रसिंह राठौड़, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन), चित्तौडग़ढ़
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करेंगे पर्यावरण स्वीकृति जारी नहीं करने की अनुशंसा
जनसुनवाई में जो जनभावनाएं सामने आई वो खाद कारखाने के विरोध में थी। प्लान्टेशन की भूमि पर इसे लगाने की बात पर भी विरोध आया। जो जनभावनाएं सामने आई उस देख इस खाद कारखाने के लिए पर्यावरण स्वीकृति जारी नहीं करने की अनुशंसा की जाएगी।
महावीर मेहता, क्षेत्रीय अधिकारी, राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल, चित्तौडग़ढ़