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Farmers in Rajasthan : चित्तौड़गढ़। जिले में मानसून की विदाई के बाद शनिवार और रविवार को हुई बारिश से किसानों को किस्मत एक बार फिर दगा दे गई। खेत और खलिहानों पर पड़ी कटी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। निबाहेड़ा और डूंगला उपखण्ड क्षेत्र के किसान तो तबाही के कगार पर पहुंच गए हैं।
जिले में शनिवार शाम व रविवार को सुबह हुई बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसान अब गिरदावरी करवा कर मुआवजे की मांग कर रहे हैं। चित्तौड़गढ़ सहित निबाहेड़ा, डूंगला, भदेसर क्षेत्र के चरलिया, भैरूखेड़ा, कनेरा घाटा क्षेत्र के गांवों टाटरमाला सहित जिले भर में सोयाबीन, मक्का और मूंगफली की फसलों में बारिश के कारण भारी नुकसान हुआ है।
बारिश से सत्तर से नब्बे फीसदी नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। कृषि विभाग नुकसान को लेकर सर्वे कार्य में जुट गया है। बारिश से किसानों को हुए नुकसान को लेकर विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या, श्रीचंद कृपलानी, सुरेश धाकड़, अर्जुनलाल जीनगर ने भी अपने अपने विधानसभा क्षेत्र में दौरा कर नुकसान का जायजा लिया है।
जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से बात कर किसानों को मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया है। श्रीपुरा के प्रगतिशील किसान नेमीचंद धाकड़ ने बताया कि कनेरा क्षेत्र में भारी बारिश के चलते सोयाबीन, मूंगफली और मक्का की खेतों पर पड़ी कटी फसल को भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा अगेती लहसुन की फसल में पानी भरने से नुकसान हुआ है। हालांकि जिन किसानों ने अगेती खेती कर फसल काट खेत खाली कर दिए हैं, उन्हें नुकसान नहीं हुआ है पर ऐसे किसानों की संख्या गिनती की है।
जिले मे पिछले 24 घंटे में शनिवार सुबह 8.30 बजे तक सर्वाधिक 55 मिमी. बारिश निबाहेड़ा व 51 मिमी. बारिश डूंगला क्षेत्र में दर्ज की गई। इसके अलावा बेगूं व कपासन में 8-8 मिमी., चित्तौड़गढ़ व बस्सी में18-18 मिमी. गंगरार व राशमी में 10-10 मिमी., भदेसर में 22 मिमी., बड़ीसादड़ी में 9 मिमी. भैंसरोड़गढ़ में 17 व भूपालसागर में 20 मिमी. बारिश दर्ज की गई। खरीफ की फसल पकने के दौर में है और कई जगह फसलें काट कर खेत-खलिहानों पर रखी हुई हैं। इधर बारिश के बाद तापमान लुढ़कने से मौसम ठण्डा हो गया है।
किसान पहले तो फसलों में कीट प्रकोप से परेशान थे। जैसे-तैसे इस स्थिति से बाहर निकले तो अब अतिवृष्टि ने फसलों पर कहर बरपा कर किसानों की चिन्ता बढ़ा दी है। यह नुकसान ऐसे समय में हुआ है, जब दीपावली का पर्व सिर्फ अठारह दिन दूर है। ऐसे में ग्रामीण अंचल से खरीदारी में कमी आने की आशंका बनी हुई है। किसान अब गिरदावरी करवाकर मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
जिले में बारिश से खरीफ की फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करवाकर राज्य सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
-दिनेश कुमार जागा, संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार, चित्तौड़गढ़
Updated on:
14 Oct 2024 01:38 pm
Published on:
14 Oct 2024 01:38 pm
