
चित्तौड़गढ़। जिले में पशुपालकों को अब ब्याज मुक्त ऋण के लिए अपनी संपत्ति गिरवी रखने की नौबत नहीं आएगी। क्यों कि राज्य सरकार ने गोपाल क्रेडिट योजना की पात्रता शर्तों में बदलाव कर दिया है। योजना में अब ब्याज मुक्त ऋण लेने के लिए अचल-चल संपत्ति गिरवी रखने की अनिवार्यता नहीं होने से लाभान्वितों का दायरा कई गुना बढ़ रहा है। योजना के तहत जिले के करीब एक हजार किसानों लाभान्वित किया जाएगा।
एक लाख रुपए का ब्याजमुक्त ऋण मिलने से पशुपालन को बढ़ावा मिल सकेगा। पात्र किसान योजना के तहत किए जाने वाले कार्य की लागत का आकलन खुद के स्तर पर तैयार कर सकेगा। इससे पूर्व सहकारिता विभाग की ओर से जारी गाइडलाइन में पात्रता की शर्तों में पेचिदगियों के कारण कारण योजना के तहत नाम मात्र के आवेदन आ रहे थे। सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत प्रदेश के पांच लाख गोपालकों को सहकारी बैकों के जरिए किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर 150 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त ऋण देने की योजना है।
योजना की पात्रता के लिए सहकारी डेयरी की सदस्यता और दूध बेचने का भुगतान संबंधित के खाते में आने, सिबिल स्कोर का न्यूनतम स्कोर 600 होने की अनिवार्यता, डेयरी सहकारी समिति के सचिव की अनुशंसा के बाद ही ब्याज मुक्त ऋण देने की शर्त के कारण जिले सहित प्रदेश में कई पशुपालक पात्रता के बाजवूद योजना के दायरे से बाहर हो गए थे।
हाल में जारी नई गाइडलाइन के अनुसार गो सरंक्षण, गोपालकों के लिए शेड, खेळी, दूध, चारा, बांटा संबंधी उपकरणों की खरीद के लिए ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले गोपालक परिवार योजना के पात्र माने जाएंगे। इसमें सिबिल स्कोर की अनिवार्यता हटा दी गई है। केंद्रीय सहकारी बैंक की शाखा आवेदक और जमानतदार की साख को लेकर ऋण स्वीकृति की अनुशंसा कर सकेगी। ऋण का भुगतान मासिक किस्तों में किया जा सकेगा।
Published on:
11 Dec 2024 11:28 am
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