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नकली बेटा बनकर 14 लाख की धोखाधड़ी के आरोपी का आत्मसमर्पण

जमीन की रजिस्ट्री के दौरान महिला का नकली बेटा बनकर चौदह लाख रूपए की धोखाधड़ी करने के मामले में करीब आठ माह से फरार आरोपी ने यहां न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया।

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नकली बेटा बनकर 14 लाख की धोखाधड़ी के आरोपी का आत्मसमर्पण

नकली बेटा बनकर 14 लाख की धोखाधड़ी के आरोपी का आत्मसमर्पण

चित्तौडग़ढ़
जमीन की रजिस्ट्री के दौरान महिला का नकली बेटा बनकर चौदह लाख रूपए की धोखाधड़ी करने के मामले में करीब आठ माह से फरार आरोपी ने यहां न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया।
जानकारी के अनुसार कुंभा नगर निवासी नवनीत पुत्र एसएन मोदी ने सितंबर में सदर थाने में रिपोर्ट दी थी कि १७ सितंबर को गांधी नगर निवासी सतीश ने फोन करके बताया कि सेंती में आवासीय कॉलोनी के पास जमीन बिकाऊ हैं। आरोपी सतीश ने प्रार्थी के साझेदार श्यामलाल से कहा कि यदि जमीन खरीदनी हो तो पार्टी बेचने को तैयार हे। प्रार्थी अपने साझेदार के साथ मौके पर गया, जहां सतीश और कैलाश नगर निवासी पंकज पुत्र बालमुकुंद सोनी मौजूद मिले। आरोपियों ने जमीन के साथ ही दस्तावेज भी दिखाए। प्रार्थी ने जमीन के मालिक से मिलने की इच्छा जताई तो पंकज एक महिला को मांगीबाई बनाकर लाया। महिला ने अपना आधार कार्ड दिखाया, जिसमें उसका नाम मांगीबाई पुत्र छगनलाल लिखा हुआ था। सतीश, पंकज व मांगीबाई के सामने जमीन का सौदा ६८ लाख रूपए में तय हुआ। प्रार्थी ने दस हजार रूपए देकर उसकी रसीद प्राप्त कर ली। इसके बाद आरोपी मांगीबाई व उसके बेटे नवीन शर्मा, जिसका असली नाम पुराना शहर निवासी राजेश पुत्र चांदमल सोनी है, को लेकर पहुंचे । दोनों पक्षों के बीच १३.९० लाख रूपए देना तय हुआ व शेष राशि में से सात लाख रूपए का चेक मांगीबाई को देना तय हुआ। इसके बाद शेष ४७ लाख रूपए तीन माह में देने तय हुए। इसके बाद प्रार्थी ने आरेापियों को १३.९० लाख रूपए व चेक दे दिया। इसके कुछ ही समय बाद प्रार्थी को अपने साथ धोखाधड़ी होने का अहसास हुआ तो उसने सदर थाने में प्रकरण दर्ज कराया। इस मामले में पुलिस ने पंकज सोनी, सतीश आगाल व विमल छीपा को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन आरोपी आरोपी राजेश सोनी फरार चल रहा था। राजेश सोनी ने यहां न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद सदर थाना पुलिस ने उससे थाने ले जाकर पूछताछ की। बाद में न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेज दिया।

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