
तड़क रही विरासत की दीवारें, रंग-रूप खो रहा विजय स्तभ
चित्तौडगढ़. विश्व विरासत में शुमार चित्तौड़ दुर्ग की प्राचीर कई जगह से क्षतिग्रस्त होने के बाद भी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। समय पर इनका रखरखाव नहीं करने से प्राचीर की दीवारों में जगह-जगह दरारें पड़ गई है। वहीं बीते कई दिनों से पाडऩ पोल के यहां पर पेड़ गिरने से टूटी दीावार की भी विभाग की ओर से कोई सुध लेने का तैयार नहीं है। ऐसे में विश्वविख्यात चित्तौड़ दुर्ग पर आने वाले पर्यटक भी इसे देखकर हैरान है।
चित्तौडग़ढ़ में प्रवेश करने के तुरंत बाद ही पाडनपोल के यहां पर दुर्ग की दीवार करीब एक सप्ताह पूर्व पेड़ गिरने से टूट गई थी और इसका मलबा भी रास्ते में आ गिरा। ऐसे में यहां से आने जाने वाले वाहन चालकों को भी रास्ता सकड़ा होने से कई बार खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसा नहीं कि विभाग के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को इसकी खबर नहीं है लेकिन इसके बाद भी सड़क से मलबा हटाने की जहमत तक कोई नहीं कर रहा है।
जगह-जगह दरारें
चित्तौडग़ढ़ दुर्ग की पूरी दीवार को अगर बारिकी से देखा जाए तो पहले गेट से लेकर राम पोल तक कई जगह दुर्ग की दीवार में दरारें आ गई है और इसके पत्थर बाहर निकलने लगे है। जिससे किसी भी दिन फिर दीवार गिरने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
विजय स्तभ की दीवार भी पड़ी काली
चित्तौडग़ढ़ दुर्ग पर बने विजय स्तभ पर्यटकों का सबसे बड़ा आकर्षण का केन्द्र है। इसके बाद भी समय पर इसका सही तरीके से रखरखाव नहीं हो रहा है। यहां पर विजय स्तभ पर बनी कलाकृतियां जो लोगों एवं पर्यटकों को आकर्षित करती है कई जगह से सफाई नहीं होने से काली पड़ चुके है। जबकि विभाग के पास इनके रखरखाव के लिए बजट भी आता है इसके बाद भी इनकी सफाई पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
बढ़ रहे अतिक्रमण
दुर्ग पर दिनों दिन अतिक्रमण भी बढ़ रहा है। नियमों से परे जाकर कई लोगों ने यहां पर अस्थाई दुकानों का संचालन शुरू कर दिया हे। जिससे दुर्ग पर मार्ग पर सकड़े लगने लगे है। इसके बाद भी विभाग की ओर से कोई भी गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
Published on:
11 Mar 2023 10:01 pm

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