
चित्तौड़गढ़. तमतमाता पारा और आग उगलते सूर्यदेव के आगे बेबस बच्चों को आखिर राहत मिल गई। आठवीं तक के स्कूली बच्चे अब तपती दोपहरी से पहले घर लौट आएंगे। भीषण गर्मी के कारण बच्चों और अभिभावकों की पीड़ा राजस्थान पत्रिका ने उठाई। इससे बुधवार को जिम्मेदारों की नींद टूटी। जिला कलक्टर ने स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया। दोपहर बारह बजे से पहले बच्चे अब घर पहुंच जाएंगे। इससे उनको दोपहरी में पसीने से तरबतर नहीं होना पड़ेगा। समय में बदलाव सरकारी व गैर सरकारी दोनों तरह के स्कूलों पर लागू होगा। निजी विद्यालयों के निर्देशों की पालना नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उधर, गृह मंत्रालय भारत सरकार ने आमजन को राहत के लिए एडवाइजरी फॉर हीटवेव 2024 जारी की है। धूप में बाहर जाने से बचें, खासकर दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक। खाना पकाने वाले हिस्से को हवादार बनाए रखने के लिए दरवाजे और खिड़कियां खुली रखे। शराब, चाय, काफी, और कोर्बोनेटेड शीतल पेय से बचे, वे शरीर को निजर्लित करते हैं। अधिक प्रोटीन वाले भोजन व बासी भोजन ना करें। पर्याप्त पानी पिएं, ओरल रिहाइडे्रशन सॉल्यूशन, घर के बने पेय जैसे लस्सी, नीबू का पानी, छाछ आदि का सेवन करें। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें। यदि कहीं बाहर जाना है तो अपना सिर ढके, कपड़े, टोपी या छतरी का उपयोग करें। आंखों पर चश्मा और त्वचा की सुरक्षा के लिए सनस्क्रीन लगाएं।
चित्तौडग़ढ़ कलक्टर आलोक रंजन ने स्कूल समय में डेढ़ से दो घंटे का बदलाव किया। पहली से आठवीं तक के स्कूल अब सुबह 7.30 से 11.30 बजे तक ही खुलेंगे। अब तक स्कूल डेढ़ से दो बजे तक चलते थे। ऐसे में बच्चों के लिए दोपहरी मुसबीत बनी हुई थी।
इधर, पारा हर दिन रिकॉर्ड बना रहा है। चित्तौडग़ढ़ में गुरुवार को भीषण गर्मी रही। दोपहर में धूप शरीर को चुभ रही थी। घरों से निकलना और सडक़ों पर चलना मुश्किल हो गया। पंखें हांफने लगे और कूलर-एसी राहत नहीं दे पा रहे थे। शाम को ही लोग खरीदारी को घरों से निकले। पार्कों में रौनक दिखी। चित्तौडग़ढ़ में अधिकतम तापमान 43.4 व न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
Updated on:
10 May 2024 10:51 am
Published on:
10 May 2024 10:47 am
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