26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चित्तौड़गढ़

तीन साल की बच्ची और दो साल के बच्चे के साथ हैवानियत, कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 पोक्सो न्यायालय संख्या एक चित्तौडग़ढ़ ने विवाह समारोह में आई तीन साल की बच्ची की बलात्कार के बाद हत्या कर शव कुएं में डालने के आरोपी को दोषी करार देते हुए मृत्युदण्ड से दण्डित किया है।

Google source verification

चित्तौडग़ढ़। लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 पोक्सो न्यायालय संख्या एक चित्तौडग़ढ़ ने विवाह समारोह में आई तीन साल की बच्ची की बलात्कार के बाद हत्या कर शव कुएं में डालने के आरोपी को दोषी करार देते हुए मृत्युदण्ड से दण्डित किया है।
विशिष्ठ लोक अभियोजक शोभालाल जाट ने बताया कि भीलवाड़ा जिले के एक व्यक्ति ने 22 अप्रेल 2022 को बस्सी थाने में रिपोर्ट दी कि वह अपने रिश्तेदार की बेटियों के विवाह समारोह में बस्सी थाना क्षेत्र के एक गांव में परिवार सहित आया हुआ था। वहां प्रार्थी सोया हुआ था और पास में ही उसकी तीन साल की बेटी सोई हुई थी।

सुबह नींद खुली तो बच्ची नहीं मिली। दो युवकों ने प्रार्थी को बताया कि उसकी पुत्री को भीलवाड़ा जिले के बीगोद थानान्तर्गत किशनपुरा निवासी रमेश पुत्र नानूराम धाकड़ नदी के रास्ते पर ले जा रहा था। प्रार्थी व विवाह समारोह में मौजूद लोगों ने रमेश से पूछताछ की तो वह गुमराह करता रहा, लेकिन बाद में उसने बलात्कार के बाद बच्ची की हत्या कर शव कुएं में डालने की बात स्वीकार की।

मौके पर पहुंची बस्सी थाना पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बच्ची का शव कुएं से निकलवा पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया गया।

अभियोजन पक्ष की ओर से 23 गवाह व 90 दस्तावेज प्रदर्शित किए गए। पीठासीन अधिकारी ने उभय पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं में मृत्युदण्ड व 17 हजार रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। गौरतलब है कि चित्तौडग़ढ़ जिले में वर्ष 1984 के बाद हत्या जघन्य मामले में किसी आरोपी को मृत्युदण्ड से दण्डित किया गया है।

दूसरे मामले में अंतिम सांस तक कारावास की सजा
इसी आरोपी ने बच्ची के साथ घटना घटित करने से पहले दो साल के बच्चे का गुप्तांग मुंह से काट खाया था। बस्सी थाने में एक ही प्राथमिकी में दोनों घटनाक्रम दर्ज हुए। इस मामले में पोक्सो न्यायालय संख्या एक चित्तौडग़ढ़ ने आरोपी रमेश धाकड़ को दोषी करार देते हुए अंतिम सांस तक आजीवन कारावास से दण्डित किया है।