दोनों को वापस झांतला माता लाकर चोरी के बारे में पूछताछ करने लगे। इस दौरान इन लोगों ने दोनों के साथ गंभीर मारपीट कर दी। इसके बाद राकेश व शंकरलाल जैसे-तैसे मोटरसाइकिल पर कश्मोर गांव तक पहुंचे और वहां मोटरसाइकिल खड़ी कर दोनों जमीन पर ही सो गए। इस दौरान शंकरलाल खटीक की मौत हो गई। उधर से गुजर रहे नेतावल महाराज सरपंच राजदीपसिंह ने भीड़ देखी तो वहां रुक गए। उन्होंने राकेश को पहचान लिया। इसके बाद दोनों को सांवलियाजी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद शंकरलाल के मृत होने की पुष्टि की। जबकि राकेश को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। सूचना मिलने पर चंदेरिया थाना पुलिस सांवलियाजी अस्पताल पहुंची और घायल राकेश के बयान दर्ज किए।