
चित्तौडग़ढ़ में खरडेश्वर महादेव के पास गंभीरी नदी में गर्मी से राहत पाने के अठखेलिया करते बच्चें।
चित्तौडग़ढ़. गर्मी प्रचण्ड रूप में है, तपती दोपहरी में कूलर व एसी में बैठने वालों के भी पसीने छूट रहे है,वहीं दूसरी तरफ लाइनों की देखरेख के नाम पर बिजली महकमा जनता के सब्र का इम्तहान ले रहा है। व्यवस्था के हाल ये है कि अधिकतम तापमान पिछले चार दिन से ४६ डिग्री पर बना हुइा है तो न्यूनतम तापमान भी २९-३० डिग्री से कम नहीं है। दोपहर के समय आसमान से आग बरस रही है और बिजली महकमा विभिन्न क्षेत्रों में सात घंटे तक बिजली कट कर लोगों के हाल बेहाल कर रहा है। भरी दोपहरी में बिजली गुल होने से लोग व्यवस्था को कोस रहे है। मध्यम व निम्न वर्ग के जिन लोगों के पास इन्वर्टर की व्यवस्था नहीं है उनके लिए बिजली कट के समय पसीना बहाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
शहर में इन दिनों की जा रही बिजली कटौती शहरवासियों के लिए बैरन साबित हो रही है। शहर में मंगलवार को उपनगरीय दो इलाकों में तो सुबह, शाम अलग-अलग पारी में बिजली कटौती की गई, लेकिन पुराने शहर और तंग गलियों वाले इलाके में पहले से गर्मी से आहत लोगों को सुबह ८ से दोपहर ३ बजे तक की गई लगातार बिजली कटौती ने सता दिया। जूना बाजार, लखारी घाटी, ओछड़ी दरवाजा, लक्ष्मीनाथ मंदिर के आसपास के शहर की बसावट पुरानी है। यहां कई मकानों में वेटिलेंशन तक नहीं होकर छोटे मकान है। ऐसे में लगातार बिजली कटौती से लोग घरों में पसीने से तरबतर होते रहे। बाहर निकले तो लू और तपन। घरों में जाए तो हवा के अभाव में पसीने से तरबतर। ऐसे में लोग आहत हो गए। दिन भर बुजुर्ग, बच्चे और बीमार खासे परेशान रहे। खासकर रोगियों का बिना पंखे, कूलर के हाल बेहाल हो गया।
व्यवसाय पर भी प्रभाव
पूरे जिले में बिजली की अघोषित कटौती से लोग परेशान है। कभी रख रखाव के नाम पर तो कभी तकनीकी खराबी के नाम पर घंटों बिजली गुल हो रही है। विद्युत निगम की इस मनमानी से विद्युत आधारित व्यवसाय भी बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। पॉवर हब राज्य का दर्जा प्राप्त कर चुके प्रदेश में विद्युत आपूर्ति की इस बदहाल स्थिति ने लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
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जनता परेशान, जनप्रतिनिधियों ने साध रखी चुप्पी
प्रचण्ड गर्मी में घोषित-अघोषित घंटो की विद्युत कटौती से लोगों के पसीने छूट रहे है लेकिन पार्षद से लेकर सांसद तक सभी स्तर के जनप्रतिनिधि इस मामले में चुप्पी साधे हुए है। जनप्रतिनिधियों का भीषण गर्र्मी में बिजली कटौती का समय बदलने को लेकर भी अब तक दबाव बनाने का कोई प्रयास सामने नहीं आया है। ऐसे में छह-सात घंटे लगातार बिजली कट लोगों के लिए अहसानीय साबित हो रहा है।
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शहर मेंं पेंडिंग काम को पुराने के लिए समाचार पत्रों के माध्यम से सूचनादेकर बिजली कटौती करते है। आगे से दोपहर में कटौटी नहीं करने का प्रयास करेंगे। इन दिनों में केबल जलने की शिकायतें भी ज्यादा आ रही है इसलिए भी परेशानी हो रही है।
ऋषभ भार्गव, सहायक अभियंता शहर, अजमेर विद्युत निगम चित्तौडग़ढ़
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Published on:
06 Jun 2018 10:55 pm
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