
नारकोटिक्स विभाग परिसर में आठ गोदामों में क्यों रखवाई 107 टन अफीम
चित्तौडग़ढ़. नारकोटिक्स विभाग के तीनों खण्डों में अफीम तोल का काम पूरा हो गया है। इन तीन खण्डों में कुल 14 हजार 197 पट्टेदार किसानों में से 13 हजार 711 ने कुल 107 टन अफीम तुलवाई है। यह अफीम विभाग के आठ गोदामों में सशस्त्र पहरे में सुरक्षित रखवाई गई है।
नारकोटिक्स विभाग के खण्ड प्रथम में इस बार ४६९९ किसानों को अफीम के पट्टे दिए गए थे। इनमें से ४५४० किसानों ने ३५८ क्ंिवटल अफीम का तोल करवाया। शेष १५९ किसानों में से कुछ ने फसल हंकवा दी तो कुछ ने बुवाई ही नहीं की। जिन किसानों की अफीम का तोल हुआ है, उन्हें विभाग की ओर से करीब ६.१३ करोड़ रूपए के भुगतान की प्रक्रिया जारी है। खण्ड प्रथम में करीब २१.३५ क्ंिवटल अफीम वाटर मिक्स आई है।
खण्ड द्वितीय में कुल ४२६२ किसानों को अफीम की खेती के लिए पट्टे जारी किए गए थे। इनमें से ४०९० किसानों ने कुल ३२५.३९ क्ंिवटल अफीम तुलवाई है। इसके लिए इन किसानों को विभाग की ओर से ५ करोड़ ९५ लाख ४० हजार रूपए का भुगतान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब तक इसमें से आधी राशि का भुगतान किया जा चुका है। १५८ किसानों ने फसल हंकवा दी। विशेष बात यह है कि खण्ड द्वितीय में इस बार अधिकांश अफीम उच्चतम गुणवत्ता वाली आई है। दो किसानों की अफीम संदिग्ध और १३० किलोग्राम अफीम वाटर मिक्स आई है। खण्ड द्वितीय में अफीम तोल का काम २० अप्रेल को ही पूरा कर लिया गया था।
१४ किसानों ने नहीं तुलवाई अफीम
खण्ड द्वितीय के अधीन आने वाले १४ किसान अफीम लेकर तुलाई के लिए नहीं पहुंचे। इन किसानों का कहना था कि उन्होंने हिफाजत के लिहाज से अपनी अफीम मुखिया गोराजी का निम्बाहेड़ा निवासी छगनलाल जाट के यहां रखवा दी थी। गौरतलब है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने पिछले दिनों मुखिया छगनलाल जाट के मकान पर छापा मारकर बड़ी तादाद में अफीम और डोडा चूरा बरामद किया था। इस मामले में एसीबी ने कपासन थाने में प्रकरण भी दर्ज कराया था। बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, जो न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा है।
निम्बाहेड़ा में तुली ३८७.९७ क्ंिवटल अफीम
नारकोटिक्स विभाग के खण्ड तृतीय के अधीन गांवों के पट्टेदार किसानों की अफीम का तोल निम्बाहेड़ा में किया गया। वहां यह काम मंगलवार को पूरा कर लिया गया। इस खण्ड में इस बार कुल ५२३६ किसानों को अफीम के पट्टे जारी किए गए थे। इनमें से ५२३२ किसानों ने अफीम की फसल बोई थी। बाद में इनमें से १५१ किसानों ने फसल हंकवा दी। शेष रहे ५०८१ किसानों ने कुल ३८७.९७ क्ंिवटल अफीम का तोल करवाया। इसके बदले इन किसानों को विभाग की ओर से ६ करोड़ १० लाख ४० हजार रूपए का भुगतान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस खण्ड में करीब १४ क्ंिवटल अफीम वाटर मिक्स पाई गई है।
१८ करोड़ से ज्याद की खरीद
विभाग की ओर से तीनों खण्डों में मिलाकर करीब १८ करोड़ १८ लाख ३४ हजार रूपए की अफीम खरीदी गई है। गौरतलब है कि जिले में इस बार अफीम का बंपर उत्पादन हुआ है और उसी के हिसाब से नारकोटिक्स विभाग को भी गत वर्ष के मुकाबले ज्यादा अफीम मिली है।
अफीम अन्दर, अधिकारी बाहर
नारकोटिक्स विभाग में बड़ी तादाद में अफीम आने से विभाग के चित्तौडग़ढ़ परिसर में करीब आठ गोदाम बनाकर इसे सशस्त्र पहरे में हिफाजत से रखवाया गया है, जहां दिन-रात पहरा लगाया जा रहा है। विभाग के परिसर में आठ गोदाम बना देने से अधिकारियों के बैठने के लिए भी जगह नहीं बची। खण्ड द्वितीय के अधिकारियों को तो मंगलवार को तंबू में बैठकर अपने कार्यों का निष्पादन करना पड़ा।
गाजीपुर भेजी जाएगी अफीम
नारकोटिक्स विभाग के कार्यालय परिसर के गोदामों में रखवाई गई अफीम संभवत: २५ अप्रेल को गाजीपुर के लिए रवाना कर दी जाएगी। इस संबंध में विभागीय स्तर पर तैयारियां की जा रही है।
किस खण्ड में कौनसे गांव
चित्तौडग़ढ़ जिले में तीन खण्डों में इस बार कुल १४ हजार १९७ पट्टे जारी किए गए थे और ६६५ मुखिया बनाए गए। नारकोटिक्स विभाग के खण्ड प्रथम में वल्लभ नगर, भदेसर व चित्तौडग़ढ तहसील क्षेत्र के किसानों को ४६९९ पट्टे व २९० मुखिया, खण्ड द्वितीय में गंगरार, राशमी, डूंगला, मावली, भूपालसागर व कपासन तहसील क्षेत्र के किसानों को ४२६२ पट्टे और १३८ मुखिया तथा खण्ड तृतीय में निम्बाहेड़ा व बड़ीसादड़ी क्षेत्र के ५२३६ पट्टे जारी करने के साथ ही २३७ मुखिया बनाए गए थे।
Published on:
24 Apr 2019 11:07 pm
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