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आखिर ग्रामीण अब तक क्यों बैठे हैं धरने पर

राजकीय बालिका उमावि को महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम में बदलने के विरोध में सुनीलकुमार पारीक का अनशन चौथे दिन भी जारी रहा।

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आखिर ग्रामीण अब तक क्यों बैठे हैं धरने पर

आखिर ग्रामीण अब तक क्यों बैठे हैं धरने पर

साहवा. राजकीय बालिका उमावि को महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम में बदलने के विरोध में सुनीलकुमार पारीक का अनशन चौथे दिन भी जारी रहा। इनके समर्थन में आए अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट निर्मल प्रजापत ने सोमवार से विद्यालय के तालाबंदी करने की चेतावनी दी। करीब 2 सप्ताह से अधिक समय से आन्दोलन जारी है, बालिका शिक्षा संघर्ष समिति साहवा के संचालक सुनीलकुमार पारीक बुधवार से अनशन पर हैं। बालिका विद्यालय को यथावत रखने और अंग्रेजी माध्यम स्कूल अन्य भवन में संचालित करने की मांग की। अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट निर्मल प्रजापत, चूरू जिला मंत्री उमराव सहारण, दाताराम भाकर, कासीराम पूनियां, विक्रम सोनी आदि ने धरना स्थल पर पहुंच कर सुनील कुमार से जानकारी ली एवं समर्थन कर सोमवार तक मांग नहीं माने जाने पर विद्यालय की तालाबंदी की चेतावनी दी। शनिवार को मोहनीदेवी चाचान राजकीय सीएचसी के डा. रामचन्द्र शर्मा की टीम ने सुनीलकुमार के स्वास्थ्य की जांच की। इस मौके पर पुलिस थाना के हैडकांस्टेबल बजरंग सिंह राडौड़ भी मौजूद थे।
उटालड़ गांव के स्कूल में शिक्षकों की कमी
सुजानगढ़. गांव उटालड़ के राजकीय उमा विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर ग्रामीणो में आक्रोश है। शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थी प्रार्थना के बाद घर लौटने को मजबूर है। सरपंच रामीदेवी ने बताया कि विद्यालय में प्रधानाचार्य सहित व्याख्याता दो, वरिष्ठ अध्यापक चार, टू लेबल शिक्षक दो, कनिष्ठ लिपिक एक, चतुर्थ श्रेणी दो पद रिक्त चल रहे हैं। सरपंच के मुताबिक स्कूल में कुल स्वीकृत 17 में से वर्तमान में 12 पद रिक्त चल रह़ेे हैं। धन्नानाथ सिद्ध ने ग्रामीणों की बैठक के बाद बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी (मा.) को शनिवार को स्थिति से अवगत कराकर रिक्त पद भरने की मांग की गई है। उन्होंने बताय कि सोमवार तक रिक्त पदों को नहीं भरा गया तो ग्रामीण स्कूल के ताला जड़ कर आंदोलन करेंगे। क्योंकि सरकारी स्कूल में बिना शिक्षकों के विद्यार्थी निजी स्कूलों में जाने का मजबूर है।