
दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बोर्ड दी की नई सुविधाएं
चूरू. बोर्ड परीक्षा के हॉल में इस बार दिव्यांग विद्यार्थी टॉकिंग कैलक्यूलेटर और अन्य सहयोगी उपकरणों का प्रयोग कर सकेंगे। ये सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन ये सच है। इसके लिए राज्य सरकार ने दिव्यांगों की सुविधा का ध्यान रखते हुए ये निर्णय किया है। इसके लिए उन्हे 40 तरह की नई छूट प्रदान की गई है। इनमें तृतीय भाषा की परीक्षा से छूट देने के निर्देश हैं। यह व्यवस्था पूरे देश में सेंट्रल गवर्नमेंट से जुड़े बोर्ड में यह व्यवस्था पहले से लागू हैं, लेकिन इस बार इसे राजस्थान के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर ने भी लागू किया गया है। बोर्ड ने नए निर्देश में कहा है कि 21 प्रकार के दिव्यांग को श्रेणी के अनुसार प्रेक्टीकल के स्थान पर मौखिक की छूट मिलेगी। दिव्यांग विद्यार्थी का परीक्षा केंद्र किसी विशेष विद्यालय को रखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर प्राथमिकता से वीक्षक के रूप में विशेष शिक्षक ही लगाए जाएंगे। विशेष वरिष्ठ अध्यापक भागमल सैनी ने बताया कि दिव्यांग श्रेणी के विद्यार्थी को इस बार बोर्ड की परीक्षा में 40 विशेष सुविधाएं दी जाएंगी। इसके लिए बोर्ड पोर्टल पर स्कूल लॉगइन में लिंक तथा फार्म-33 उपलब्ध है। कैटेगरी वाइज लाभ के लिए दिव्यांग के पास 40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता होने का प्रमाण पत्र जरूरी है। पूर्ण दृष्टिबाधित बच्चे अब उपकरण भी परीक्षा कक्ष में ले जा सकेंगे।
इनका कर सकेंगे उपयोग
इस साल की परीक्षा में दिव्यांग विद्यार्थी को प्रति घंटा 20 मिनट के हिसाब से अतिरिक्त समय मिलेगा। वे स्केच पेन, मॉडिफाइड आंसरशीट के अलावा केयरगिवर, कम्युनिकेटर, प्रोम्पटर, लैब असिस्टेंट, मेडिकल स्टाफ आदि का प्रयोग कर सकेंगे।
तृतीय भाषा में दी गई छूट
इस बार 10 वीं की परीक्षा में शामिल होने वाले मूक बधिर को तृतीय भाषा के पेपर की छूट दी गई है। जबकि मूक बधिर, दृष्टि बाधित और अस्थी दिव्यांग विद्यार्थी को छोड़कर अन्य दिव्यांग को अंग्रेजी और हिंदी भाषा में मिनिमम पास माक्र्स में 10 प्रतिशत की छूट दी गई है।
दिव्यांगों को ये भी मिलेंगी सुविधाएं
& दृष्टि बाधित को मैग्नीफाइंग व टिंटेड ग्लासेज के उपयोग की अनुमति
& गणितीय डायग्राम व नक्शों से छूट
& अबेकस, टेलरफ्रेम व टॉकिंग केलकुलेटर के उपयोग की अनुमति
& अल्प दृष्टि को स्केच पेन से लिखने की छूट मिलेगी।
& श्रवण बाधित के लिए नॉइस कांउसिलिंग हैडफोन का उपयोग कर सकेंगे।
& साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटर, ब्लेक बोर्ड पर निर्देश की अनुमति।
& मानसिक कमजोर विद्यार्थी के लिए बीच बीच में विश्राम जैसी 40 प्रकार की सुविधाएं स्वीकृत की गई है।
इनका कहना है
&राज्य सरकार की ओर से दिव्यांगों को बोर्ड परीक्षा में बड़ी रियायत दी गई है। इनसे दिव्यांग बच्चों को काफी सहायता मिलेगी। परीक्षा उतीर्ण कर ये आगे बढ़ेंगे व समाज की मुख्य धारा में जुड़ सकेंगे।
सन्तोष महर्षि,मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी चूरू
Published on:
01 Mar 2022 02:16 pm
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