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पत्रिका की खबर का बड़ा असर, चिल्ड्रन पार्क का टेंडर निरस्त, खजूर के नए पौधे लगाए

जब्त होगी कम्पनी की अमानत राशि, अब दूसरे चरण में होगा चिन्ड्रन पार्क का काम

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churu nature park

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चूरू. वन विभाग परिसर में बन रहे चिल्ड्रन पार्क का काम समय से व गुणवत्तापूर्ण नहीं करने पर आखिरकार कम्पनी का टेंडर निरस्त कर दिया गया। इसके अलावा सूखे खजूर के पौधों को भी बदलवा दिया गया है। ज्ञातव्य हो कि नेचर पार्क में खजूर के करीब 25 पौधे सूख गए थे। वहीं, चिल्ड्रन पार्क का कार्य भी छह माह से बंद पड़ा था। उक्त दोनों मामले पत्रिका में प्रकाशित होने के बाद विभाग हरकत में आया। खजूर के पौधे लगाने वाली फर्म से सूखे पौधों की जगह नए पौधे लगवाए गए। वहीं चिल्ड्रन पार्क का निर्माण कार्य दुबारा कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

छह माह से बंद पड़ा था चिल्ड्रन पार्क का काम

चिल्ड्रन पार्क के निर्माण के लिए फरवरी 2017 में जयपुर की मेसर्स ताज इंडस्ट्रीज को सात लाख, 22 हजार, 500 रुपए का टेंडर जारी किया गया था। मार्च 2017 तक काम पूरा करना था लेकिन कार्य पूरा नहीं हुआ तो वन विभाग ने 15 अप्रेल तक के लिए अवधि बढ़ा दी। वहीं, कार्य को गुणवत्तापूर्ण नहीं करने के कारण पंचायत राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने अप्रेल में ही काम रुकवा दिया था। इसके बाद कम्पनी ने मंत्री के निर्देश के मुताबिक काम नहीं किया। अप्रेल के बाद से संबंधित कम्पनी टाल-मटोल करती रही और काम नहीं किया।

झूलों के अलावा इसमें चारों तरफ फुलवारी व अंदर परिसर में दूब लगाई जानी थी जो नहीं लगाई गई। अक्टूबर तक इंतजार करने के बाद टेंडर निरस्त कर दिया गया। हालांकि कम्पनी ने कार्य में लीपापोती करने का प्रयास किया लेकिन वन विभाग ने मंत्री के डर के कारण करने नहीं दिया। उक्त कम्पनी की ओर से नेचर पार्क में टै्रक के आस-पास कई स्थानों पर पत्थर की स्टाइलिश टेबल-कुर्सियां, स्टाइलिश कला कृतियां भी लगाई जानी थी लेकिन यह सब सामग्री रेंजर कार्यालय के पास धूल फांक रही है। इसके अलावा कचरा पात्र भी वैसे ही
पड़े हैं।

जब्त होगी कम्पनी की अमानत राशि

उप वन संरक्षक सूरतसिंह पूनिया ने बताया कि खजूर के जितने पौधे सूखे थे सभी को बदलवा दिया गया है। इसके अलावा चिल्ड्रन पार्क का कार्य सही ढंग व समय से नहीं करने पर कंपनी का टेंडर निरस्त कर दिया गया है। चिल्ड्रन पार्क का कार्य अब दूसरे चरण में किया जाएगा। दूसरे डीपीआर में शामिल करने के लिए आरएसआरडीसी को पत्र लिखा गया है। मेसर्स ताज इन्डस्ट्रीज की अमानत राशि जब्त की जाएगी।

पत्रिका ने उठाया था मामला


गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने 31 अक्टूबर के अंक में 'सूख गए खजूर के पौधे, नहीं बना चिल्ड्रन पार्क' शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर मामले को उठाया था। इसके बाद विभाग ने दोनों फर्मों पर कार्रवाई शुरू की।