चूरू. एक तरफ जहां लोग लोक मंगल ग्रह पर पहुंचने की बात कर रहे हैं, दूसरी तरफ 21वीं सदी में भी जातियों को लेकर भेदभाव के मामले भी सामने आ रहे हैं। शनिवार को महाशिवरात्रि पर वार्ड 59 में एक मामला सामने आया जहां पर एक समाज के लोगों को पूजा अर्चना करने से रोक दिया गया। बाद में पुलिस की मौजूदगी में एक समाज के लोगों को मंदिर में प्रवेश दिया गया, तब जाकर उन्होंने पूजा अर्चना की गई। एक समाज के चेनाराम ने बताया कि महाशिवरात्रि का पर्व होने से वार्ड 59 स्थित मंदिर में सभी वार्ड के लोग पूजा अर्चना के लिए पहुंचे थे।
उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि का पर्व होने पर सांसी समाज के पुरुष और महिला भी मंदिर में पूजा अर्चना करने के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस दौरान वहां मौजूद मंदिर के पुजारी ने समाज के महिलाओं पुरुष को प्रवेश से रोक दिया ताला भी लगा दिया। उन्होंने बताया कि मंदिर के पुजारी का कहना था कि सांसी समाज के लोग ने अब तक पूजा के लिए मंदिर में प्रवेश नहीं किया है पुजारी ने कहां की है मंदिर उनके पूर्वजों का बनाया हुआ है मरम्मत आदि कार्य भी उन्हीं के द्वारा कराया जाता है निजी संपत्ति बताकर प्रवेश से रोका गया।
मामला बढ़ने पर चेनाराम ने बताया कि इस संबंध में कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई पुलिस के पहुंचने के बावजूद भी एकबारगी पुजारी ने सांसी समाज के लोगों के मंदिर में प्रवेश पर एतराज किया। पुलिसकर्मियों से भी काफी बहस की बाद में पुलिस कर्मियों के समझा इसके बाद सांसी समाज के लोगों को पूजा अर्चना के लिए प्रवेश दिलाया। इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस का जाब्ता भी मौके पर तैनात रहा। सांसी समाज के जिलाध्यक्ष चेनाराम ने 21वीं सदी में भी जातिवाद निंदा करते हुए पुजारी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग की। मौके पर पहुंचे कोतवाली थाने के एसआई जयवीर ने बताया कि समझाईश के बाद में सांसी समाज के लोगों को मंदिर में प्रवेश करवा पूजा अर्चना करवाई गई है।