
पिकनिक स्थल बना चूरू का नेचर पार्क, सैकड़ों लोगों को दे रहा सुकून
चूरू.
12.33 करोड़ की लागत से करीब ९० बीघा में बना शहर का नेचर पार्क इन दिनों पिकनिक स्थल बन चुका है। बाहर से आने वाले लोग पार्क का नजारा देखकर करते हैं कि ऐसा पार्क तो जयपुर में भी नहीं है। पार्क में प्रतिदिनि एक से दो हजार लोग भ्रमण करने व एक्सरसाइज करने के लिए महिला पुरुषों व बच्चों के लिए अलग-अलग पार्क बनाए गए हैं।
महिला पार्क में महिलाओं को झूले से साथ जिम करने के लिए अलग-अलग मशीने लगाई गई हैं। हालांकि अभी तक यह सारी सुविधाएं निशुल्क हैं। इसके अलावा पुरुषों के लिए योगा सेंटर के पास अलग से जिम उपकरण लगाए गए हैं। सहायक उपवन संरक्षक दिलीप सिंह ने बताया कि सर्दियों के समय पार्क सुबह चार से साढ़े नौ बजे व शाम को तीन से सात बजे तक खुला रहता है। दिन में पार्क में प्रवेश वर्जित है। पार्क में कोई भी व्यक्ति तम्बाखू व अन्य तम्बाखू उत्पाद के पाउच फेंकते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा। चूंकि पार्क में किसी भी प्रकार की पॉलीथिन को ले जाना वर्जित है। रेंजर नरपत सिंह ने बताया कि पार्क में प्रदूषण फैलाने वालें पर नजर रखी जा रही है।
जानिए नेचर पार्क के लिए कब क्या हुआ
- 2014-15 में सीएम ने नेचर पार्क की घोषणा की
- 173 लाख रुपए बजट स्वीकृत
- 15 दिसंबर 2014 को किया गया शिलान्यास
- 2015-16 में 700 लाख रुपए बजट बढ़ाया
- 2015-16 के लिए 521.52 लाख रुपए मंजूर
- 2017-18 में 3.60 करोड़ रुपए स्वीकृत कर और विस्तार किया गया
जानिए नेचर पार्क की खासियत
- कुल लागत 1233 लाख
- 25 हैक्टेयर जमीन पर नेचर पार्क का निर्माण
- करीब 35 सौ मीटर ट्रैक
- 22 सौ मीटर चारदीवारी
- वाच टॉवर का काम पूरा
- योगा सेंटर तैयार
- विभिन्न प्रकार के हजारों पौधे लगाए
- आराम के लिए झूंपे
- बाल उद्यान
- रेस्क्यू सेंटर
- पूरे पार्क में सोलर लाइट लगी हैं
-तालाबों का निर्माण
- पार्किंग की सुविधा
- स्टाइलिश फव्वारा
- एक्यूप्रेसर ट्रैक वाकिंग पास
- म्यूजियम
-सैंडपाथ
- कलाकृतियां
- हेल्थ पार्क
- ओपन थिएटर
- चिल्ड्रेन पार्क
-नॉलेज पार्क
-सैंडपार्क
-फैंसिंग
सहायक वन संरक्षक दिलीपसिंह ने बताया कि ओपन जिम में आम्र्स चेस्ट मशीन, डबल आम्र्स चेस्ट मशीन सहित कुल 10 प्रकार की मशीने लगाई जाएंगी। इसके अलावा वुडन ब्रिज भी बनाए जाएंगे। पार्क में 6000 वर्ग मीटर में दूब व 500 वर्ग मीटर कारपेट घास लगा दी गई है । फव्वारा भी लगा दिया गया है।
'' जिस उम्मीद व भावना से नेचर पार्क का निर्माण करवाया वह आज पूरी हो रही है। यह पार्क शहरवासियों के लिए स्वास्थ्य को बनाए रखने व स्वच्छ वातावरण के लिए लाभकारी होगा। लेकिन शहर के लोगों का दायित्व यह भी है कि इसे सुचारू बनाए रखने में वन विभाग का सहयोग करें और उपकरणों को घर की तरह उपयोग करें।''
राजेन्द्र राठौड़, मंत्री, ग्रामीण विकास एंव पंचायती राज, राजस्थान
Published on:
17 Jan 2019 01:18 pm
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