17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चिंताजनक: रतनगढ़ की नहीं सुधरी हालत

प्रशासनिक जिम्मेदारियां बेहतर तरीके से संभाल रही हैं।

2 min read
Google source verification

चूरू

image

manish mishra

Jan 24, 2022

चिंताजनक: रतनगढ़ की नहीं सुधरी हालत

चिंताजनक: रतनगढ़ की नहीं सुधरी हालत

चूरू. बेटी जन्म को लेकर बात की जाए तो जिले के रतनगढ़ ब्लॉक की स्थिति अन्य के मुकाबलों में खराब रही है।अपे्रल 2020 से मार्च 2021 तक एक हजार लड़कों पर 893 बच्चियों का ही जन्म हुआ है, जो कि चिंताजनक बात है।दूसरी तरफ लिंगानुपात सुधार के मामलों में सरदारशहर व सुजानगढ़ ब्लॉक की जिले में काफी अच्छी स्थिति रही है, जो कि अच्छी बात कही जा सकती है।इन ब्लॉकों में प्रति हजार पर बेटी जन्म की अच्छी संख्या लोगों में जागरूकता को दर्शाती है।वहीं प्रदेश की बात करें तो वर्ष2020-21 में लिंगानुपात 953 था।हालांकि 2019-20 में प्रति हजार पर 958 बेटियों का जन्म हुआ था।

एक समय था जब बेटी जन्म को परिवार में अभिशाप की तरह से देखा जाता था।लेकिन जैसे-जैसे शिक्षा का प्रसार हुआ लोगों की सोच भी बदलने लगी।ऐसे में लोगों ने बेटियों को शिक्षा के लिए प्रेरित किया।इसका परिणाम है कि बेटियां सुरक्षा से लेकर प्रशासनिक जिम्मेदारियां बेहतर तरीके से संभाल रही हैं। बेटों के मुकाबले कही अधिक मेहनत व लगन के साथ काम कर प्रदेश, जिला, गांव सहित परिवार के नाम भी रोशन कर रही है।गई जगहों पर सामाजिक बंधनों को तोड़ते हुए अर्थियों को कंधा व मुखाग्नि भी दे रही है।शिक्षा व सामाजिक जागृति का प्रभाव है कि आज परिवारों की ओर से चूरू जिले में शादी समारोह के दौरान बेटियों को घोड़ी पर बैठाकर उनकी बिन्दौरी भी निकाली जा रही है।कई अवसर ऐसे भी आए है कि बेटियों ने दहेज लोभियों के खिलाफ हिम्मत दिखाते हुए जेल की हवा तक खिला दी है।

जिले में रतनगढ़ में कम जन्मी बेटियां
महिला एवं बाल विकास विभाग के आंकड़ों की माने तो वर्ष 2020 से मार्च2021 तक रतनगढ़ कस्बे में बेटियों के जन्म की स्थिति ठीक नहीं रही है।यहां पर एक हजार बच्चों पर 893 बेटियों का जन्म हुआ।वहीं सरदारशहर में 989, सुजानगढ़ 971, चूरू ब्लॉक में 941, राजगढ़ में 943 व तारानगर ब्लॉक में प्रति हजार पर 920 बेटियों का जन्म हुआ है।

ये है प्रदेश की स्थिति
वर्ष लिंगानुपात
2013-14 942
2014-15 935
2015-16 951
2016-17 959
2017-18 979
2018-19 989
2019-20 958
2020-21 953