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churu news- कॉमनवैल्थ गेम: छोटे से गांव की बेटी ने भारत का नाम किया रोशन

चूरू. राष्ट्रमंडल खेलों में रविवार को भारतीय महिला हॉकी टीम ने बेहद रोमांचक मैच में गत चैंपियन न्यूजीलैंड को पेनल्टी शॉट में हराकर पहली बार इन खेलों में कांस्य पदक जीतने में सफलता हासिल की है। बेहद रोमांचक मैच के निर्धारित चार क्वार्टर पूर्ण होने तक दोनों टीमें एक-एक गोल की बराबरी पर रहीं। जिस कारण मैच में कोई निर्णय नहीं हो सका।

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चूरू

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Vijay

Aug 08, 2022

churu news- कॉमनवैल्थ गेम: छोटे से गांव की बेटी ने भारत का नाम किया रोशन

churu news- कॉमनवैल्थ गेम: छोटे से गांव की बेटी ने भारत का नाम किया रोशन

सोनिका के पेनल्टी शॉट से मिला कांस्य पदक
जिस कारण मैच में कोई निर्णय नहीं हो सका
चूरू. राष्ट्रमंडल खेलों में रविवार को भारतीय महिला हॉकी टीम ने बेहद रोमांचक मैच में गत चैंपियन न्यूजीलैंड को पेनल्टी शॉट में हराकर पहली बार इन खेलों में कांस्य पदक जीतने में सफलता हासिल की है। बेहद रोमांचक मैच के निर्धारित चार क्वार्टर पूर्ण होने तक दोनों टीमें एक-एक गोल की बराबरी पर रहीं। जिस कारण मैच में कोई निर्णय नहीं हो सका। इसका निर्णय पेनल्टी शॉट से होना था, जहाँ न्यूजीलैंड की टीम 1-0 की बढ़त बना चुकी थी। पेनल्टी शॉट में भारतीय टीम अपना पहला अवसर गंवा चुकी थी। ऐसे में चूरू जिले के राजगढ़ तहसील के गांव गालड़ की बेटभ् सोनिका टांडी को पेनल्टी शॉट के लिए चुना गया। सोनिका ने कमाल की ड्रिङ्क्षब्लग करते हुए विपक्षी गोलकीपर को छकाया और गोल दागकर कमाल कर कांस्य पदक भारत की झोली में डाल दिया। इसके बाद भारतीय गोलकीपर सविता ने अपने साहसिक प्रयासों से विपक्षी टीम को उभरने नहीं दिया। भारत ने पेनल्टी शूटआउट में मुकाबला 2-1 से जीत लिया। जानकारी के अनुसार राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार महिला हॉकी में कांस्य पदक पर कब्जा कर लिया। इससे पहले भारत इन खेलों में स्वर्ण और रजत पदक भी जीत चुका है।
एशियन गैम्स में शामिल होने की तैयारी
इसके अलावा इसी वर्ष में सितंंबर माह में होने वाले एशियन गेम्स में शामिल होने की तैयारी कर रही है। 2010 में शुरू किया खेल का सफर सोनिका ने साईं के हिसार स्थित केन्द्र में 2010 में दाखिला लिया। यहां उन्होंने हॉकी की शुरुआत की। यहां हॉकी के कॉच आजाद ङ्क्षसह मलिक, प्रोमिल्ला शर्मा, सरदार हरभजन ङ्क्षसह ने उसे खेल की बारीकियां सिखाई। लगन के साथ सोनिका खेलती गई और फिर उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
जानिए कौन हैं सोनिका टांडी
सोनिका टांडी राजस्थान के चूरू जिले के सादुलपुर उपखण्ड के गांव गालड़ की रहने वाली है। सोनिका ने कई प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। सोनिका दक्षिण एशिया गैम्स (सेफ) में टीम इण्डिया हॉकी में बतौर मिड फिल्डर के तौर पर चुनी गई है। इसके अलावा 02 नवंबर 2014 को न्यूजीलैंड, 05 सितम्बर 2015 को एशिया कप चाइना एवं 16 फरवरी 2016 को साउथ एशियन खेल गोवाहाटी में भी प्रतिभा दिखा चुकी है।
क्षेत्र में जश्न का माहौल: मैच में सोनिका टांडी से पदक की उम्मीद लगाए ग्रामीण दोपहर एक बजे से ही टीवी के सामने जमे रहे। मैच के अंतिम पड़ाव में सोनिका ने जब गोल दागा तो उनके पैतृक गांव गालड़ व आसपास के गांवों में खुशी की लहर दौड़ गई 7 लोगों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया। सोनिका के चाचा श्रवण टांडी ने बताया कि बेटी के मेडल लेकर देश लौटने के बाद गांव गालड़ में स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। हॉकी प्रेमी वेदपाल धानोठी ने बताया कि सोनिका बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी है जो कि पूर्व में भारत को एशिया कप जीताकर चूरू जिले व राजस्थान प्रदेश का नाम रोशन कर चुकी हैं।