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तारानगर से माकपा उम्मीदवार को कोर्ट ने भेजा जेल, जानें क्यों

बीदासर थाने में चार साल पुराने दर्ज राजकार्य में बाधा के एक मामले में तारानगर से माकपा के उम्मीदवार निर्मल कुमार कुमावत को कोर्ट ने जेल भेज दिया। दरअसल, निर्मल कुमार कुमावत ने स्थाई वारंटी के तौर पर शुक्रवार को न्यायालय में आत्म समर्पण किया था।

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चूरू. जिले के बीदासर थाने में चार साल पुराने दर्ज राजकार्य में बाधा के एक मामले में तारानगर से माकपा के उम्मीदवार निर्मल कुमार कुमावत को कोर्ट ने जेल भेज दिया। दरअसल, निर्मल कुमार कुमावत ने स्थाई वारंटी के तौर पर शुक्रवार को न्यायालय में आत्म समर्पण किया था। आरोपी के अधिवक्ता बनवारीलाल बीजारणिया ने बताया कि निर्मल कुमावत वर्ष 2019 में बीदासर के राजकीय गोवर्द्धन प्रसाद टांटिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर लगाने तथा अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर चले धरना-प्रदर्शन, महापडाव और थाना घेराव मामले में दर्ज प्रकरण में आरोपी था। न्यायालय ने आरोपी को स्थायी वारण्ट से तलब कर रखा था। निर्मल कुमार ने न्यायालय के समक्ष सरेण्डर कर जमानत का प्रार्थना-पत्र पेश किया था। मगर, न्यायालय ने सुनवाई की तारीख शनिवार को रख दी व निर्मल कुमार को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए। इसके बाद पुलिस आरोपी को जेल ले गई।

ये था मामला

कस्बे की राजकीय सीएचसी को 25 बेड की करने को लेकर वर्ष 2019 के जून माह में पार्षद बेगराज नाई के नेतृत्व में अस्पताल के बाहर धरना चल रहा था। कई दिनों से चल रहे धरने व अनशन के बाद मामला बढता देख पुलिस पार्षद बेगराज नाई को उठा कर ले गई। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने 07 जून को थाने का घेराव कर पथराव कर दिया। घटना के समय निर्मल कुमावत भी मौजूद थे। पुलिस ने पथराव करने वाले कुल 25 लोगों के खिलाफ 08 जून को मामला दर्ज किया। जिसमें निर्मल कुमावत को भी आरोपी बनाया गया।

समर्थकों ने लगाया ये आरोप

निर्मल कुमार के समर्थकों ने राजनीतिक बदले का आरोप लगाया है। रामनारायण रूलानिया ने कहा कि निर्मल कुमार तारानगर से एक मजबूत दावेदार हैं। जिन्हें राजनैतिक आशय से क्षति पहुंचाने के लिए जान फंसाने का षडयंत्र रचा गया है। समर्थक बोले मामला चार साल से चल रहा है, मगर, कभी वारंट से तलब नहीं किया गया। अब नामांकन दाखिल करने में महज दो दिन बचे हैं। तो पुलिस से उन्हें वारंट से तलब करवाया गया है।