
सुजानगढ़. ग्राम पंचायत भानीसरिया तेजसिंहोतान के ग्रामीणों ने शुक्रवार को पंचायत समिति परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने नारेबाजी कर अधीक्षण अभियंता जलग्रहण पर मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना के चतुर्थ फेज में वरीयता क्रम तोड़कर भानीसरिया तेजसिंहोतान ग्राम पंचायत को उसके हक से वंचित रखने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के बाद प्रधान गणेश ढाका को कलक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। उप प्रधान ने प्रधान ढाका को जानकारी दी कि चूरू जिला स्तर पर सन 2010-11 से वरीयता सूची तय है। जिसमें भानीसरिया तेजसिंहोतान का क्रमांक 22 पर नाम दर्ज है। मगर अधीक्षण अभियंता जलग्रहण चूरू ने मनमानी कर 22 की बजाय वरीयता नंबर 23 का चयन जलग्रहण के लिए कर लिया है। जो इस दूरस्थ व उपेक्षित ग्राम पंचायत के साथ अन्याय है। ग्रामीण करणीसिंह ने प्रधान को बताया कि भानीसरिया पंचायत में कुल 10 गांव हैं। जहां सदैव जल संकट रहता है। इसलिए इसका चयन होना चाहिए। ग्रामीण नंद सिंह ने बताया कि जल संकट के कारण जलदाय विभाग प्रतिवर्ष गर्मियों में 12 सरकारी टैंकरों से नियमित जलापूर्ति करता है। विनोदकुमार खटीक ने ग्रामीण 6 00 से 8 00 रुपए देकर अन्य क्षेत्रों के टैंकरों से पानी खरीदने को मजबूर है। ऐसी स्थिति में अधिकारी द्वारा वरीयता तोड़कर अन्य पंचायत का चयन किया जाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।प्रशासन ने इसमें नियमानुसार संशोधन नहीं किया तो अगले सप्ताह चूरू जाकर जिला मुख्यालय पर धरना देंगे। सरपंच रेखा कंवर ने बताया कि एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही जयपुर जाकर पंचायत राजमंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ से मिलकर सही तथ्यों से अवगत कराएगा। अधिकारी की मनमानी की जांच की मांग की जाएगी। उपप्रधान दीवानसिंह के नेतृत्व में प्रदर्शन करने वालों में जलग्रहण समिति अध्यक्ष पींकूसिंह, सचिव जीवणसिंह, शेरसिंह, करणीसिंह आदि शामिल थे।
इनका कहना है
भानीसरिया तेजसिंहोतान की ओर से मिले ज्ञापन को मैंने कलक्टर को ई-मेल कर दिया है। ग्रामीणों की मांग जायज है। इनके साथ पक्षपात हुआ प्रतीत होता है।
गणेश ढाका, प्रधान पंचायत समिति सुजानगढ़
Published on:
06 Apr 2018 12:23 pm
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