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सरकारी अस्पताल में हो गया जिले का पहला सफल घुटना प्रत्यारोपण, दो दिन बाद चलने लगेगा मरीज

चूरू. सरदारशहर. घुटने के दर्द से पीडि़त उपखंड क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर राजकीय अस्पताल से आई है। बताया जा रहा है कि जिले में पहली बार एक वृद्ध के घुटने का सफल प्रत्यारोपण डा. किशन सिहाग की टीम ने किया। डा.सिहाग ने बताया कि ऑपरेशन सफल हुआ है। मरीज दो दिन बाद चलने लगेगा।

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चूरू

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Vijay

Sep 25, 2022

सरकारी अस्पताल में हो गया जिले का पहला सफल घुटना प्रत्यारोपण, दो दिन बाद चलने लगेगा मरीज

सरकारी अस्पताल में हो गया जिले का पहला सफल घुटना प्रत्यारोपण, दो दिन बाद चलने लगेगा मरीज

चिरंजीवी योजना में हुआ नि:शुल्क इलाज: दो दिन बाद चलने लगेगा मरीज
गांव राणासर बीकान निवासी सोहनलाल (72) पिछले कई सालों से घुटने के दर्द से पीडि़त थे
चूरू. सरदारशहर. घुटने के दर्द से पीडि़त उपखंड क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर राजकीय अस्पताल से आई है। बताया जा रहा है कि जिले में पहली बार एक वृद्ध के घुटने का सफल प्रत्यारोपण डा. किशन सिहाग की टीम ने किया। प्रत्यारोपण के बाद मरीज पूरी तरह से स्वस्थ महसूस कर रहा है। सर्जरी करने वाली टीम में हड्डी व जोड़ प्रत्यारोपण सर्जन डा.किशन सिहाग, प्रभारी डा.चन्द्रभान जांगिड़, डा. निर्मल पारीक, निश्चेतन डा.वंदना भटनागर, एसएनओ ओमप्रकाश वर्मा, एनओ पंकज सोनी, मुन्नीलाल सुण्डा, श्यामसुन्दर जांगिड़, जतिन, सोनू शामिल थे। अस्पताल की स्थानीय टीम ने ही सफल घुटना प्रत्यारोपण किया है। तहसील के गांव राणासर बीकान निवासी सोहनलाल (72) पिछले कई सालों से घुटने के दर्द से पीडि़त थे। कई जगह इलाज कराने के बाद जयपुर में हड्डी रोग विशेषज्ञ से संपर्क किया। जहां पर चिकित्सक ने घुटना प्रत्यारोपण का सुझाव दिया तथा 2 से ढाई लाख रूपये का खर्चा बताया। इतना खर्चा लगाने में सक्षम नहीं होने के कारण वापिस गांव आ गया। गांव आने के बाद विधायक भंवरलाल शर्मा व राज्य मंत्री अनिल शर्मा से मिलकर अपनी पीड़ा बताई। पीडि़त की समस्या सुनकर शर्मा ने राजकीय अस्पताल के हड्डी व जोड़ प्रत्यारोपण सर्जन डा.किशन सिहाग से बातचीत की। डा.सिहाग ने राजकीय अस्पताल में ही चिरंजीवी मुख्यमंत्री योजना के तहत ऑपरेशन करने की सलाह दी। इसके बाद इस ऑपरेशन के लिए डा.सिहाग ने अस्पताल के प्रभारी डा.चन्द्रभान जांगिड़ व डा.निर्मल पारीक से सलाह मशुवरा किया। इसके बाद डा.सिहाग ने मरीज की जांच कर दवा शुरु की और घुटने के प्रत्यारोपण की जरूरत बताई। मरीज की सहमति के बाद घुटने का ऑपरेशन किया गया। डा.सिहाग ने बताया कि ऑपरेशन सफल हुआ है। मरीज दो दिन बाद चलने लगेगा।

करीब दो लाख रुपए का नि:शुल्क हुआ इलाज
आर्थोपेडिक डा.किशन सिहाग ने बताया कि मरीज के घुटने का प्रत्यारोपण चिरंजीवी योजना के अंतर्गत किया गया है। जिससे लाभान्वित मरीज के घुटने के प्रत्यारोपण में ना के बराबर खर्चा आया है। निजी अस्पताल में घुटना प्रत्यारोपण के लिए डेढ़ से दो लाख रुपए का खर्च आता है। मरीज प्रत्यारोपण से पूर्व चल फिर नही पा रहा था। मरीज अब पूर्ण रूप से स्वस्थ है। इस सर्जरी में करीब चार घंटे का समय लगा। ऑर्थोपेडिक डा.किशन सिहाग ने बताया कि क्षेत्र में घुटने के दर्द से पीडि़त गरीब और मध्यमवर्गीय जरूरतमंद को परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब वह समस्या दूर हो जाएगी।

24 घण्टे पहले किया ऑपरेशन थियेटर को संक्रमण से मुक्त
डॉ. किशन सिहाग की टीम ने राजकीय अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर को संक्रमण मुक्त करने के लिए 24 घण्टे पहले जीवणुरहित किया तथा 12 घण्टे बाद फिर फिर से जीवणुरहित किया। इसके साथ ऑपरेशन थियेटर को 24 घण्टे के लिए बन्द रखा। जिससे ऑपरेशन थियेटर पूर्ण रूप से संक्रमण मुक्त रहे।