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विशेषज्ञ बोले, खेती के साथ मुर्गी पालन भी करें

कृषि विज्ञान केन्द्र चांदगोठी में डॉ राजेश शिवराण ने वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण किया।

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विशेषज्ञ बोले, खेती के साथ मुर्गी पालन भी करें

विशेषज्ञ बोले, खेती के साथ मुर्गी पालन भी करें

सादुलपुर. कृषि विज्ञान केन्द्र चांदगोठी में डॉ राजेश शिवराण ने वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर आयोजित किसान संगोष्ठी में डॉ राजेश शिवराण ने कहा कि हम किसानों के प्रति समर्पित रहकर सेवाभाव से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि कृषि की नवीनतम तकनीक पहुंचाने की बात कही।किसानों को खेती के साथ साथ मुर्गी पालन, पशुपालन, सब्जी उत्पादन आदि करने की सलाह दी। इस अवसर पर स्थानीय किसानों प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर स्वामी ओम पूर्ण स्वतंत्र, रणसिंह पूनिया, हरिसिंह, सज्जन कुमार, केशुराम, जयलाल, संजय कुमार आदि लोगों ने डॉ शिवराण का माला और साफा पहनाकर अभिनन्दन और स्वागत किया। केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ अजेश मीणा, डॉ शौकत अली, डॉ अदिति गुप्ता आदि मौजूद रहे।
सरदारशहर. किसान सेवा केंद्र में बुधवार को आत्मा योजना के कैफेटेरिया बी-12 के अंतर्गत एक दिवसीय खरीफ कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें कृषकों को सहायक कृषि अधिकारी राकेश जाखड़, पशु चिकित्सक लक्ष्मीकांत, मांगीलाल, कृष्ण कुमार ने खरीफ फसलों की उन्नत किस्में, कीट रोग नियंत्रण, जैविक खेती आदि की जानकारी दी। गोष्ठी के उपरांत प्रश्नोत्तरी हुई। जिसमें स्थान प्राप्त करने वाले किसानों को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर ताराचंद, खिराजराम, रामनिवास, सीताराम, कृष्णा, प्रतिभा, सुमन, सावित्री आदि किसानों के अलावा कृषि पर्यवेक्षक सांवरमल जाखड़, सांवरमल पारीक, हरिसिंह, संतोष कुमारी आदि उपस्थित थे।
खेतों में नष्ट हो रही मूंग की फसल की जांच करने की मांग
तारानगर. झोथड़ा गांव के किसानों ने बुधवार को उपखण्ड अधिकारी मोनिका जाखड़, नायब तहसीलदार सुल्तानसिंह व सहायक कृषि अधिकारी सविता बुडानिया को ज्ञापन देकर नष्ट हो रही मूंग की फसल की जांच करने व सर्वे करवाकर उचित मुआवजा दिलवाने की मांग की है। ज्ञापन में किसानों ने बताया कि झोथड़ा गांव के किसानों ने करीब दो माह पहले अपने खेतें में खरीफ फसल की बुवाई के समय अच्छी किस्म के मूंग के बीज काम में लिए थे। इसके बावजूद कई दिनों से उनके खेतों में खड़ी मंूग की फसल नष्ट होने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। नष्ट हुई फसल का सर्वे करवाकर किसानों को दिलवाने की मांग की है। प्रकाशचंद जाट, नानकराम, रामकुमार, भंवरलाल सहारण, भंवरी लोटासरा, लिछमणराम, बीरसिंह, महीपत, जसुराम, सत्यवीर, शेरसिंह, लीलाधर आदि ज्ञापन देने वालों में शामिल थे।