18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हार्डकोर अपराधी बहादुरसिंह कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश

Hardcore Criminal: कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ गुरुवार को हार्डकोर अपराधी ( Hardcore Criminal ) बहादुरसिंह को एडीजे कोर्ट में पेश किया गया।

2 min read
Google source verification

चूरू

image

Brijesh Singh

Nov 28, 2019

हार्डकोर अपराधी बहादुरसिंह कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश

हार्डकोर अपराधी बहादुरसिंह कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश

चूरू/सुजानगढ़. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ गुरुवार को हार्डकोर अपराधी ( Hardcore Criminal ) बहादुरसिंह को एडीजे कोर्ट में पेश किया गया। अजमेर के उच्च सुरक्षा कारागृह से उपनिरीक्षक प्रेमप्रकाश मय हथियारबंद जवान व ब्लैक कमांडो की सुरक्षा में उसे पेश किया गया। एडीजे रामपाल जाट के समक्ष पेशी के पश्चात अगली तारीख 13 दिसम्बर को निर्धारित की गई है। स्थानीय पुलिस के थानाधिकारी सत्येन्द्रकुमार मय जाब्ते के तैनात रहे। सालासर पुलिस ( salasar police ) के जवान भी तैनात रहे।

25 हजार का है इनामी
तहसील के खारिया कनिराम निवासी बहादुरसिंह उर्फ पहलवान गिरफ्तारी से पहले 25 हजार रुपए का इनामी अपराधी घोषित था, जिस पर कुल 29 मामले राजस्थान व अन्य राज्यों में दर्ज हैं, जिनमें से कई में सजायाप्ता है ओर कई में बरी। अनेक विचाराधीन भी हैं। इन मामलों में सालासर में चार, बीझवाल, बहल (हरियाणा), महानगर जयपुर, डबोक उदयपुर, वैशाली नगर जयपुर में दो, महा मन्दिर जोधपुर, सदर व जेएन वीसी बीकानेर में तीन, सामोद, नीमकाथाना, शाहपुरा, अजीतगढ़, विद्याधर नगर जयपुर, पोकरण, करधनी जयपुर में दर्ज हैम।

भवानी हत्याकांड में थी पेशी
अतिरिक्त लोक अभियोजक डा. करणीदान चारण के अनुसार बहादुरसिंह ( Criminal Bahadur Singh ) को भवानीसिंह हत्याकांड में लाया गया। भवानी की हत्या का मामला सालासर में 16 जुलाई 2016 को मृतक भवानी के भाई चारियां निवासी दिलीपसिंह ने दर्ज कराया था। पुलिस ने चार आरोपितो में से तीन को पकड़ लिया जबकि रोलसाबसर निवासी सोनूखां अभी फरार है। बहादुरसिंह के अलावा बबलूसिंह उर्फ मधुसूदन सिंह निवासी हरदेसर (रतनगढ़) व एक बालक को निरुद्ध किया गया।

आपसी लेन देन में हुई थी हत्या

भवानी की हत्या बहादुरसिंह ने आपसी लेनदेन की रंजिश को लेकर रोलसाबसर के कृषि फॉर्म पर लाठियों से पीट-पीटकर की थी लेकिन भवानी का शव उसकी ही गाड़ी में मालासी गांव के पास खुड़ी रोग पर मिला था। भवानी को फोन पर बहादुरसिंह ने बुलाकर हत्या की थी। भवानी ने बहादुरसिंह की फरारी के दौरान शरण देने व अन्य मदद की थी। अभी तक प्रकरण में एक गवाह के ही बयान हुए हैं।

चूरू की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें...