महिला सुरक्षा के लिए बने कानूनों का खुद महिलाएं ही कर रही दुरुपयोग, पुलिस रिपोर्ट में हुआ खुलासा

महिला सुरक्षा के लिए बने कानूनों का खुद महिलाएं ही कर रही दुरुपयोग, पुलिस रिपोर्ट में हुआ खुलासा
महिला सुरक्षा के लिए बने कानूनों का खुद महिलाएं ही कर रही दुरुपयोग, सामने आई चौंकाने वाली हकीकत

Vinod Singh Chouhan | Updated: 10 Sep 2019, 12:05:00 PM (IST) Churu, Churu, Rajasthan, India

इन दिनों महिलाओं पर अत्याचार ( Torture Women ) को लेकर चारों तरफ शोर है। पुलिस महिलाओं से संबंधित प्रकरण में मामला दर्ज करने में कोई देर नहीं करती है।

मनीष मिश्रा, चूरू.

इन दिनों महिलाओं पर अत्याचार ( Torture Women ) को लेकर चारों तरफ शोर है। पुलिस महिलाओं से संबंधित प्रकरण में मामला दर्ज करने में कोई देर नहीं करती है। आंकड़ों को देखें तो हकीकत कुछ और ही सामने आती है। जी हां, ये आंकड़े बयां कर रहे हैं कि चूरू जिले में महिलाएं हर सप्ताह पांच झूठे मामले दर्ज ( Women Register False Report in Police) करा रही है। पुलिस जांच में इसकी पुष्टि भी हुई है। पुलिस ने ऐसे दर्जनों मामलों को झूठा मानते हुए बंद कर दिया. ऐसे में महिला सुरक्षा के लिए बने कानूनों के दुरुपयोग इंकार ( Women Misused Protection law ) नहीं किया जा सकता है।


लेकिन ये मामले पुलिस महकमे के लिए किसी परेशानी से कम नहीं है। जिले में पिछले 36 माह के आंकड़ों पर गौर करें तो दर्ज प्रकरणों में आधे से भी कम चालान की स्टेज पर पहुंच पाए हैं। जबकि शेष प्रकरण दम तोड़ गए। आंकड़ों पर नजर डालें तो दो साल की तुलना में इस साल दर्ज प्रकरणों का नया रेकार्ड बनने के आसार बन गए हैं।


अगस्त तक दर्ज हो गए 686 मामले
सरकार के महिलाओं से संबंधित मामलों को गंभीरता से लेने के निर्देश के बाद थानों में प्रकरणों की संख्या बढ़ गई है। जनवरी से अगस्त 2019 तक जिले में कुल 686 प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। पुलिस 221 मामलों में चालान पेश कर चुकी है। इनमें 257 मामले झूठे निकले हैं। 218 मामलों की जांच चल रही है।


सर्वाधिक झूठे मामले दहेज प्रताडऩा के
झूठे मामलों में सबसे ज्यादा मुकदमे दहेज प्रताडऩा के हैं। जनवरी 2017 से लेकर अगस्त 2019 की अवधि में सर्वाधिक दहेज प्रताडऩा के झूठे मामले दर्ज हुए हैं। इस अवधि में जिले में दहेज प्रताडऩा के करीब 819 मामले दर्ज करवए गए। इनमें से पुलिस की जांच में 345 मामले झूठे पाए गए हैं।


हकीकत को बयां करते पुलिस के आंकड़े
वर्ष प्रकरण चालान एफआर
2017 431 145 198
2018 548 229 215
2019 686 211 257
(जनवरी से अगस्त तक)


पुलिस की प्राथमिकता न्याय आम आदमी को न्याय मिले पुलिस की प्रथम प्राथमिकता है। झूठे मुकदमें दर्ज कराने वालों के खिलाफ कोर्ट में इस्तगासा दर्ज किया जाता है, लेकिन मामूली जुर्माना लगाया जाता है। नियमानुसार जिस धारा में मुकदमा दर्ज होता है, उसमें जितनी सजा का प्रावधान है। झूठा मुकदमा दर्ज कराने वाले को आधी सजा मिलनी चाहिए। -तेजस्विनी गौतम, पुलिस अधीक्षक चूरू

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