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युवाओं पर ड्रग्स का ट्रॉयल : दो दिन बाद भी पीडि़त युवकों में सिर दर्द व खड़े होने की समस्या बरकरार

किसी के खिलाफ दर्ज नहीं हुआ मामला , आरोपित को बचाने का प्रयास, बीदासर थाने में की मौखिक शिकायत, मालपाणी हॉस्पिटल में युवाओं पर दवा ट्रॉयल का मामला

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बीदासर.

तहसील के गांव ढिगारिया के 20 युवाओं को जयपुर की मालपाणी हॉस्पिटल में लगे कैम्प में काम दिलाने के बहाने ले गए युवकों पर अस्पताल के डॉक्टरों ने बिना बताए दवा का ट्रॉयल शुरू कर दिया। इससे युवाओं की तबीयत बिगड़ गई और बेहोश हो गए। दवा का दुष्प्रभाव इतना अधिक पड़ा कि दो दिन बाद भी पीडि़तों के सिर में दर्द व खड़े होने की समस्या बनी हुई है। इनमे से अधिकांश की उम्र 20 से 25 के बीच है। युवाओं ने शनिवार को बीदासर थाने में मामले की मौखिक शिकायत की लेकिन किसी के खिलाफ लिखित रिपोर्ट नहीं दी। इसके कारण कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि किसी दबाव के कारण आरोपित युवक को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।


शिविर में काम करने का दिया था झांसा

पीडि़त युवक सोहनलाल मेघवाल व सांवरमल मेघवाल ने बताया कि जयपुर के मालपाणी हॉस्पिटल में रहने-खाने व 500 रुपए दिलाने का झांसा देकर 18 अप्रेल को गांव ढिगारिया पलास का शेर सिंह मालपाणी हॉस्पिटल ले गया। उसने बताया कि कैम्प में रोगियों की देखभाल व चाय-पानी का कार्य करने के लिए ५०० रुपए प्रतिदिन के हिसाब से दिए जाएंगे। 18 अप्रेल को सुबह साढ़े सात बजे ढिगारिया बस स्टैंड से नोखा से जयपुर चलने वाली बस में मालपाणी हॉस्पिटल ले गया।


युवाओं को शराब भी दी


हॉस्पिटल पहुंचने के बाद शेरसिंह के रिश्तेदार भूरसिंह ने कहा कि स्नान करके खाना खा लो और आराम से रहो। रात में उन्हे खाने से पहले शराब पीने के लिए दी। 19 अप्रेल को सुबह स्नान करने व खाना खाने के बाद भूरसिंह ने कहा कि खाने के बाद एक टैबलेट लेना है। खाना खाने के बाद भूरसिंह ने उन्हे उक्त दवा खिलाई जिससे उन्हे कुछ देर में नींद आने लग गई तथा उन सभी की तबीयत बिगडऩे लगी। रातभर उनकी आंखे नहीं खुली।

दूसरे दिन नींद खुली तो काम से किया मना

20 अप्रेल को सुबह उठे तो युवाओं ने काम करने के लिए मना कर दिया। इस दौरान उनके परिजनों ने फ ोन किया लेकिन उन सभी का फोन नहीं उठा तो वे चिंतित होकर जयपुर गए गांव के प्रभुराम मेघवाल से सम्पर्क कर युवाओं के बारे में बताया। प्रभुराम शुक्रवार सुबह नौ बजे मालपाणी हॉस्पिटल पहुंचकर मामले की जानकारी ली तथा युवाओं को अस्पताल से निकलवा लिया। सोहनलाल मेघवाल ने बताया इसके बाद भूरसिंह ने कहा कि काम नहीं करना है तो किराया लेकर गांव चले जाओ। भूरसिंह ने किराए के अलावा कोई रुपया नहीं दिया। सुबह करीब 11 बजे वहां से रवाना हो गए और शाम तक गांव ढिगारिया पहुंच गए। सामाजिक कार्यकर्ता विमल तोषनीवाल भी वहां पहुंच गए थे। उन्होंने युवकों को गांव तक पहुंचाने में मदद की। तोषनीवाल ने बताया कि रविवार को वकील से रिपोर्ट लिखवाकर युवाओं के साथ बीदासर थाने में मामला दर्ज करवाया जाएगा।

इधर, शनिवार देर शाम बीदासर पुलिस थाने में पहुंचे युवक सोहनलाल मेघवाल, सांवरमल मेघवाल, भागूराम मेघवाल, कालूराम मेघवाल, बनवारी लाल मेघवाल, लिक्षुराम मेघवाल, मूलाराम मेघवाल व ओमाराम मेघवाल ने बताया कि जयपुर में दी गई टैबलेट का असर अभी तक है। सिर में दर्द हो रहा कमजोरी महसूस हो रही है, सही से खड़े भी नहीं हो पा रहे हैं।

थानाधिकारी बोले नहीं दी लिखित रिपोर्ट


थानाधिकारी प्रहलाद राय ने बताया कि युवक शिकायत लेकर आए थे कोई लिखित रिपोर्ट नहीं दी थी। इसलिए मामला दर्ज नहीं किया। वैसे भी मामला जयपुर का है। शिकायत पर युवकों को अस्पताल में जांच के लिए भेजा गया। वहां युवकों ने सिरदर्द व चक्कर आने की शिकायत की। डाक्टरों ने अस्पताल पहुंचे युवकों को दवा देकर छोड़ दिया। मेडिकल जांच नहीं करवाया।